मुख्यपृष्ठनए समाचार‘महा डरपोक' निकले आमिर खान

‘महा डरपोक’ निकले आमिर खान

-नीट धांधली पर अड़े सोनम वांगचुक को पहचानने से किया इनकार, सामने आया डर!

सामना संवाददाता / मुंबई

अरे, ये सोनम वांगचुक कौन हैं भाई? मैं तो इन्हें जानता ही नहीं!’ बॉलीवुड के ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ आमिर खान का यह हालिया बयान सोशल मीडिया पर आग की तरह पैâल चुका है। लोग हैरान हैं कि जिस शख्स के जीवन और आविष्कारों से प्रेरित होकर आमिर ने फिल्म ‘३ इडियट्स’ में ‘फुनसुक वांगडू’ का कालजयी किरदार निभाया, आज वो उसी इंसान को पहचानने से साफ मुकर गए।
आमिर के इस यू-टर्न के तुरंत बाद साल २००८ का एक वीडियो भी वायरल हो गया, जिसमें वे वांगचुक के बगल में बैठकर उनके लिए जोरदार तालियां बजाते दिख रहे हैं। आखिर ऐसी क्या मजबूरी आन पड़ी कि रील लाइफ के ‘रेंचो’ को अपनी याददाश्त का ही सौदा करना पड़ा? दरअसल, इस इनकार के पीछे एक गहरा डर छिपा है। लद्दाख के मशहूर पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक इस समय सीधे तौर पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में हुई धांधली और पेपर लीक के खिलाफ वांगचुक पिछले २० दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
देश के लाखों युवाओं के भविष्य के लिए अड़े वांगचुक की स्पष्ट मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से हटाया जाए। चूंकि यह मामला सीधे तौर पर सरकार की नीतियों और व्यवस्था पर सवाल उठाता है, इसलिए आमिर खान इस ‘पंगे’ से खुद को कोसों दूर रखना चाहते हैं। पर्दे पर ‘सत्यमेव जयते’ जैसे शो के जरिए देश की समस्याओं पर घड़ियाली आंसू बहानेवाले आमिर खान, जब असल जिंदगी में स्टैंड लेने की बारी आई तो ‘महा डरपोक’ साबित हुए। आमिर खान का यह डर पुराना है। साल २०१५ में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने देश में बढ़ती ‘असहिष्णुता’ पर बयान देकर बड़ा बखेड़ा खड़ा किया था।
-‘क्या हमें भारत छोड़ देना चाहिए?’
-भूल गए खान
आमिर ने कहा था कि देश के माहौल को देखते हुए उनकी तत्कालीन पत्नी किरण राव ने उनसे पूछा था, ‘क्या हमें भारत छोड़ देना चाहिए?’ क्योंकि वे अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर डरी हुई थीं। उस एक बयान ने आमिर खान का पूरा करियर हिलाकर रख दिया था।
देशव्यापी भारी विरोध के बीच उनसे स्नैपडील जैसी बड़ी कंपनियों के ब्रांड एंडोर्समेंट छीन लिए गए थे और उन्हें ‘अतुल्य भारत’ के अभियान से भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। इस भारी वित्तीय और छवि के नुकसान ने आमिर को अंदर तक डरा दिया।
यही वजह है कि आज जब उनके अपने ‘प्रेरणास्रोत’? भूखे बैठे हैं, तब भी आमिर खान किसी विवाद या सरकारी कोपभाजन का शिकार नहीं होना चाहते। व्यावसायिक हितों और खुद को सुरक्षित रखने की इस लालसा ने पर्दे के ‘हीरो’ को असल जिंदगी में एक कायर साबित कर दिया है।

अन्य समाचार