-मुख्यमंत्री फडणवीस के घर के पास राम मंदिर में होगी महाआरती; विदर्भ से हजारों रामभक्त होंगे शामिल
-स्थान श्रीराम मंदिर, रामनगर
-समय शाम ४ बजे
सामना संवाददाता / मुंबई
अयोध्या के राम मंदिर में हुई कथित लूट और धांधली के खिलाफ शिवसेना का ‘रामरक्षा आंदोलन’ अब पूरे राज्य में सुलग उठा है। शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुंबई से इस आंदोलन की जो चिंगारी सुलगाई थी, वह अब नागपुर पहुंच चुकी है। नागपुर में होनेवाले इस बड़े आंदोलन में उद्धव ठाकरे खुद मैदान में उतर रहे हैं। इसकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और विदर्भ के कोने-कोने से हजारों रामभक्त, शिवसैनिक और आम लोग इस महाआरती में जुटनेवाले हैं।
शिवसेना का यह रामरक्षा आंदोलन सूबे के हर जिले और गांव-गांव में पैâल चुका है। आज नागपुर के राम मंदिर में शाम साढ़े चार बजे उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में ‘जय श्रीराम’ का नारा गूंजेगा। दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के घर के पास स्थित राम नगर के श्रीराम मंदिर में उद्धव ठाकरे की अगुवाई में रामरक्षा और हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा, जिसके बाद एक विराट महाआरती होगी। शिवसेना नेता व सांसद संजय राऊत ने इस कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए पदाधिकारियों के साथ बैठक की और जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
सरसंघचालक को विशेष न्योता
शिवसेना नेता व सांसद संजय राऊत ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत को नागपुर के इस रामरक्षा आंदोलन का विशेष न्योता भेजा है। उन्होंने भागवत को लिखे पत्र में कहा है कि शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में यह आंदोलन हो रहा है इसलिए वे रामभक्तों को आशीर्वाद देने के लिए इस कार्यक्रम में जरूर शामिल हों।
हिंदुओं को जगाने के लिए शिवसेना की ‘रामरक्षा’ मुहिम
‘अयोध्या के राम मंदिर घोटाले में हिंदुओं को अंधभक्ति से जगाने के लिए शिवसेना ने पूरे राज्य में ‘रामरक्षा’ (राम की सुरक्षा) मुहिम शुरू की है। राम मंदिर के चंदे में हुई हेराफेरी पर आरएसएस ने भी ‘शोक’ जताया था। इसके बावजूद, मंदिर की इस चोरी के मुख्य आरोपियों पर अब तक कोई कार्रवाई होती नहीं दिख रही है। इस पूरे मामले ने हिंदुओं की आस्था और भरोसे को गहरी ठेस पहुंचाई है। हिंदू समाज में फिर से नया जोश पंâूकना बेहद जरूरी है। ऐसा संजय राऊत ने मोहन भागवत को पत्र में लिखा है।
राऊत ने पत्र में यह भी गुजारिश की है कि आपका आना हमारे लिए बेहद अहम है, लेकिन अगर किसी वजह से आप नहीं आ पाते हैं तो अपना कोई प्रतिनिधि जरूर भेजें। इस सिलसिले में पत्रकारों से बात करते हुए संजय राऊत ने कहा, ‘नागपुर हिंदुत्व की राजधानी है। सरसंघचालक के प्रति शिवसेना के मन में हमेशा आदर और सम्मान रहा है। बालासाहेब देवरस के प्रति भी हमारे मन में गहरा सम्मान था, वे परमपूज्य थे। ऐसे में मोहन भागवत जी को न्योता देना हमारा कर्तव्य है।
जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी इस कार्यक्रम का न्योता दिया गया है? तो राऊत ने चुटकी लेते हुए कहा, ‘फडणवीस राज्य के मुख्यमंत्री हैं और हिंदुत्व का यह कार्यक्रम उनके घर के ठीक पास हो रहा है। एक रामभक्त और राम जन्मभूमि आंदोलन के कारसेवक के नाते शिवसेना ने उन्हें कल के कार्यक्रम के लिए सादर आमंत्रित किया है। हिंदुत्व के लिहाज से जितने भी प्रमुख चेहरे हैं, उन सभी को शिवसेना ने पूरे सम्मान के साथ न्योता भेजा है। इसमें बीजेपी के नेताओं समेत दूसरी पार्टियों के नेता भी शामिल हैं।’
रामरक्षा आंदोलन में कितनी भी सरकारी अड़चनें आएं, कार्यक्रम होकर रहेगा
शिवसेना के इस रामरक्षा आंदोलन को दबाने और इसमें सरकारी अड़चनें डालने की कोशिशें की जा रही हैं। लेकिन संजय राऊत ने नागपुर में मीडिया से बात करते हुए साफ कर दिया कि चाहे जितनी भी रुकावटें खड़ी कर ली जाएं, शिवसेना इस कार्यक्रम को अंजाम तक पहुंचाकर ही दम लेगी। राऊत ने कहा कि नागपुर में लंबे समय के बाद शिवसेना का इतना बड़ा कार्यक्रम हो रहा है और खुद उद्धव ठाकरे इसमें आ रहे हैं इसलिए तैयारियां जोरों पर हैं। लेकिन जानबूझकर होर्डिंग्स और बैनर लगाने में अड़ंगे डाले जा रहे हैं, मंजूरियां देने में आनाकानी की जा रही है। इसके बावजूद, हिंदुत्व के इस संकल्प को शिवसेना हर हाल में पूरा करेगी।
