सामना संवाददाता / मुंबई
मराठा आरक्षण के मुद्दे पर शुक्रवार से शुरू हुआ मराठा आंदोलन रविवार को भी जारी रहा, जिसके चलते मुंबई पहुंचे बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) में शरण ले ली है यानी बसेरा बना लिया है। स्टेशन का प्लेटफॉर्म ही प्रदर्शनकारियों के खाने-पीने और सोने की जगह बन गया है। नतीजतन, प्रशासन स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहा है। पहले दिन की तुलना में दूसरे दिन सीएसएमटी पर प्रदर्शनकारियों की भीड़ कम होने से यात्रियों को राहत मिली।
बारिश शुरू होने पर स्टेशन पर और बारिश रुकने के बाद फिर से सड़कों पर प्रदर्शनकारियों की काफी आवाजाही रही। सब-वे, खाऊगल्ली और फोर्ट इलाकों की दुकानें खुल गईं। प्रदर्शनकारियों ने सीएसएमटी स्टेशन और सब-वे में रात बिताई, जबकि कुछ प्रदर्शनकारियों ने वाहनों में रात बिताई। कुछ प्रदर्शनकारियों ने मुंबई और महानगरीय क्षेत्र में अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के यहां शरण ली।
महिला प्रदर्शनकारियों के लिए भी सुविधा नहीं
महिला प्रदर्शनकारियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। महिला आंदोलनकारियों के लिए भी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है। आजाद मैदान के बाहर की लाइटें भी बंद कर दी गईं। सरकार ने कुछ नहीं किया। उन्हें लगा था कि बारिश की वजह से हम बंट जाएंगे, लेकिन जब तक हमें न्याय नहीं मिल जाता, हम मुंबई नहीं छोड़ेंगे, ऐसा धाराशिव की एक महिला प्रदर्शनकारी अश्विनी मगर ने गुस्से में कहा।
