सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने कल अचानक अपना पुणे का दौरा रद्द कर दिया और जल्दबाजी में मुंबई के लिए रवाना हो गए। वे पुणे के उरली कांचन में एक इमारत का उद्घाटन करने वाले थे। इस कार्यक्रम में राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार भी शामिल होने वाले थे।
दरअसल, मुंबई के आजाद मैदान में पिछले तीन दिनों से मराठा आंदोलन जारी है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे मनोज जरांगे लगातार उपवास पर हैं और उनकी तबीयत बिगड़ती जा रही है। डॉक्टरों की टीम ने कल जरांगे की सेहत की जांच की। ऐसे में इस मामले में यदि कुछ अनहोनी हुई तो अजीत पवार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मराठा राजनीति में अब शरद पवार और अजीत पवार आमने-सामने आते दिख रहे हैं। ऐसे में चाचा के साथ भतीजे का स्टेज शेयर करना महायुति के घटक दलों की आंखों में खटकने जैसा था। इसीलिए अजीत पवार ने इससे दूरी बनाना ही बेहतर समझा।
चाचा-भतीजे के लंबे समय बाद एक ही मंच पर आने से इस कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक हलकों में काफी उत्सुकता थी। लेकिन अजित पवार के अचानक पैâसले से अब नई चर्चाओं को हवा मिल गई है। जानकारी के मुताबिक, मुंबई में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है और इसी वजह से पवार ने पुणे के कार्यक्रमों को रद्द किया। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि क्या अजीत पवार ने शरद पवार को जानबूझकर टाला?
