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हाय री बेरोजगारी, निगल रही जिंदगी! …यूपी में बीते ३० दिनों में ३ युवकों ने की आत्महत्या

रोजगार पर भाजपा सरकार के दावे निकले खोखले
उत्तर प्रदेश लगातार प्रगति के पथ पर नई ऊंचाई छू रहा है, तो बेरोजगार युवाओं की आत्महत्याएं उसके दावे की हवा निकाल रही हैं। कानपुर के ग्वालटोली में एक माह पहले नौकरी छूटने से परेशान बेरोजगार युवक ने बुधवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। भैयादूज के मौके पर इकलौते भाई की मौत से बहन समेत परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। इस घटना ने एक बार फिर से यूपी की भाजपा सरकार के रोजगार पर किए गए दावों को खोखला साबित किया है।
मिली जानकारी के अनुसार, एफएम कालोनी निवासी प्राइवेट कर्मचारी ललित झा का २३ वर्षीय इकलौता बेटा कृष्णा झा कंस्ट्रक्शन कंपनी में सुपरविजन का काम करता था। ललित के परिवार में बेटे कृष्णा के अलावा पत्नी नीतू व बेटी पलक है। बेटी ग्रेजुएशन कर रही है। पिता ने बताया कि एक माह पहले किसी कारण से कृष्णा की नौकरी छूट गई थी, तब से वह तनाव में रहने लगा था। भैयादूज को लेकर पत्नी बेटी पलक के साथ बुधवार को मरियमपुर स्थित मायके गई थीं। कृष्णा रात में खाना खाने के बाद कमरे में सोने की बात कहकर चला गया था। गुरुवार सुबह बेटे के कमरे से बाहर न आने पर जब पिता कमरे में पहुंचे तो कृष्णा का शव फंदे से झूल रहा था। जवान बेटे की यह हालत देख पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई। चीख-पुकार सुन पड़ोसी पहुंचे और घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। थाना प्रभारी ने बताया कि युवक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। साक्ष्यों का संकलन कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पिता ने बताया कि नौकरी छूटने के बाद कृष्णा बेरोजगार हो गया था। इस कारण काफी तनाव में था। इसी कारण कृष्णा ने सुसाइड किया है। बहन पलक मा के साथ बुधवार को नानी के घर गई थी। गुरुवार दोपहर भाई-दूज पर करीब १२ से १ के बीच वह घर आकर इकलौते भाई को सबसे पहले रोचना कर आशीर्वाद लेती और लंबी उम्र की कामना करती, लेकिन उससे पहले ही कृष्णा ने मौत को गले लगा लिया। हर कोई यही कहता मिला कि नौकरी छूट जाने के बाद से पिछले कई दिनों से घुट रहा था।
भैयादूज से पहले इकलौते भाई ने लगाई फांसी
भैयादूज से पहले लखनऊ के तालकटोरा क्षेत्र में बेरोजगारी से परेशान एक युवक ने बुधवार शाम अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों ने बताया कि आशु शंकर लंबे समय से बेरोजगार थे, जिसके कारण वे मानसिक तनाव में थे।

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