सुनील ओसवाल / मुंबई
मुंबई महानगरपालिका चुनाव के दौरान कांदिवली इलाके में मतदान केंद्र पर एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि मतदाताओं के नाम खोजने के लिए नियुक्त चुनाव अधिकारियों ने एक राजनीतिक दल, भाजपा के मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया। इस घटना के बाद चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और तटस्थता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
बताया गया है कि मुंबई महानगरपालिका द्वारा मतदाता सूची जांच के लिए एक आधिकारिक ऐप उपलब्ध कराया गया है। इसके बावजूद कांदिवली के एक मतदान केंद्र पर चुनाव कर्मियों द्वारा भाजपा के मोबाइल ऐप का उपयोग किया गया। विपक्षी दलों के उम्मीदवारों का आरोप है कि इस ऐप के जरिए न केवल मतदाताओं के नाम खोजे गए, बल्कि मतदाताओं को भाजपा का चुनाव चिह्न दिखाकर संबंधित उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने के लिए प्रेरित भी किया गया।
इस कथित घटना का वीडियो उम्मीदवारों द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किया गया है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय मतदाताओं में नाराजगी देखी जा रही है। विपक्ष का कहना है कि यदि चुनाव अधिकारी किसी विशेष राजनीतिक दल के ऐप का उपयोग करते हैं, तो यह चुनाव आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है।
गौरतलब है कि राज्य की २९ महानगरपालिकाओं में मतदान के दौरान बोगस मतदान, ईवीएम खराबी, स्याही से जुड़े मामलों और पहचान से जुड़े विवादों की शिकायतें भी सामने आई हैं। ऐसे में कांदिवली की यह घटना चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर और सवाल खड़े करती है। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से इस मामले की तत्काल जांच कराने और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। चुनाव आयोग की ओर से इस प्रकरण पर क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
