-अवैध नेटवर्क पर ईडी का शिकंजा, ठाणे, बारामती और नासिक के १० ठिकानों पर छापेमारी
-फर्जी आधार कार्ड, सहमति पत्र और मेडिकल रिपोर्ट के सहारे पहचान छिपाने का आरोप
राजन पारकर / मुंबई
महाराष्ट्र में आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं की मजबूरी का कथित फायदा उठाकर अंडाणुओं की खरीद-फरोख्त करने वाले नेटवर्क पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिकंजा कस दिया है। महिलाओं को पैसों का लालच देकर अंडाणु दान के लिए तैयार करने और फर्जी दस्तावेजों के जरिए उनकी पहचान छिपाने के गंभीर आरोपों के बीच ईडी ने ठाणे, बारामती और नासिक में अस्पतालों तथा आईवीएफ केंद्रों समेत १० ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई में २९ लाख रुपये नकद जब्त किए गए, जबकि बैंक लॉकरों और म्यूचुअल फंड निवेशों को फ्रीज कर दिया गया। जांच एजेंसी को कई दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी मिले हैं।
ईडी की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, १६ अक्टूबर को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), २००२ के तहत यह कार्रवाई की गई। एजेंसी बदलापुर-पूर्व पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी और उसके बाद दाखिल आरोपपत्र के आधार पर कथित अवैध अंडाणु निष्कर्षण एवं आपूर्ति नेटवर्क की वित्तीय कड़ियां खंगाल रही है।
पैसों का लालच, पहचान छिपाने का खेल!
जांच में आरोप है कि एजेंट आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को मौद्रिक मुआवजे का प्रलोभन देकर भर्ती करते थे। इसके बाद अंडाणुओं की आपूर्ति आईवीएफ केंद्रों और सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (एआरटी) बैंकों तक की जाती थी। इस प्रक्रिया में एजेंटों को कमीशन मिलने की बात भी सामने आई है।
मामले का सबसे गंभीर पहलू कथित फर्जीवाड़ा है। ईडी के अनुसार, आधार कार्ड, पैन कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र, शपथपत्र, सहमति पत्र, रक्त जांच रिपोर्ट और बीमा दस्तावेजों में हेरफेर कर महिलाओं की वास्तविक पहचान छिपाने का आरोप है।
