सामना संवाददाता / मुंबई
एक ओर फर्जी मतदान की शिकायत मिलने के बाद उस पर कार्रवाई करने का दावा चुनाव आयोग द्वारा किया जा रहा है। दूसरी ओर मुंबई के विभिन्न इलाकों में फर्जी मतदाताओं का खुलेआम बोलबाला दिखाई दे रहा है। गोरेगांव में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है। मूल मतदाता जब मतदान करने गया, तब उसे पता चला कि उसके नाम पर पहले ही मतदान हो चुका है। गोराई इलाके में भी इसी तरह की घटना सामने आई है। मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में मतदान प्रक्रिया के दौरान भारी अव्यवस्था देखने को मिली है। पश्चिमी उपनगरों में बड़ी संख्या में किसी और के नाम पर फर्जी मतदान किए जाने की तस्वीर सामने आई है।
गोरेगांव आरे कॉलोनी के मयूर नगर परिसर में अली अंसारी नामक व्यक्ति के नाम पर किसी अन्य द्वारा मतदान किए जाने की चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जब अली अंसारी मतदान करने पहुंचे, तब पता चला कि उनके नाम पर पहले ही मतदान किया जा चुका है। दूसरी ओर बोरीवली के गोराई क्षेत्र में भी एक व्यक्ति के नाम पर दूसरे द्वारा मतदान किए जाने की घटना घटी है।
तैनात थे शिवसैनिक-मनसैनिक!
कल मनपा चुनाव के दौरान मुंबई में कई जगहों पर फर्जी वोटरों ने वोट डाले। दोहरे और फर्जी मत‘दाताओं की पहचान करने के लिए मनसे और शिवसेना ने मतदान केंद्रों के बाहर अपने कार्यकर्ताओं को तैनात किया था। ये कार्यकर्ता ‘भगवा गार्ड’ लिखी हुई टी-शर्ट पहनकर मतदान केंद्रों के बाहर नजर आ रहे थे। इनमें से कुछ कार्यकर्ताओं का भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ विवाद होने की घटनाएं सामने आर्इं।
बोरीवली स्थित वार्ड क्रमांक १० में भगवा गार्ड और पुलिस के बीच जोरदार हंगामा हुआ। भगवा गार्ड फर्जी मतदाताओं की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और थाने ले गई। भगवा गार्डों का दावा था कि यहां कुछ लोगों के पास फर्जी आईडी कार्ड मिले हैं।
चेंबूर में हंगामा
चेंबूर इलाके के वार्ड क्रमांक १५३ में भी हंगामे की स्थिति देखने को मिली। शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं द्वारा रात के समय मतदान केंद्र में प्रवेश किए जाने से विवाद उत्पन्न हुआ। इस दौरान फर्जी पहचान पत्र लेकर जा रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया।
रात ११ बजे मतदान केंद्र पर शिंदे गुट
शिंदे गुट के उपविभाग संगठनकर्ता रविंद्र महाडिक, लक्ष्मण पांढरे और विधायक तुकाराम काते के बेटे तुषार काते रात साढ़े बारह बजे मतदान केंद्र पहुंचे, जिससे हंगामा खड़ा हो गया। शिवसेना की ओर से सवाल उठाया गया कि शिंदे गुट के पदाधिकारी फर्जी पहचान पत्र लेकर मतदान केंद्र में वैâसे पहुंचे?
