-जून २०२६ में खुदरा महंगाई दर बढ़कर ४.३८ प्रतिशत पर पहुंची
-मोदी सरकार में बिगड़ा घर का बजट, टेंशन में देशवासी
अरुण कुमार गुप्ता / मुंबई
देश में एक बार फिर महंगाई ने चिंता बढ़ा दी है। जून २०२६ में खुदरा महंगाई दर बढ़कर ४.३८ प्रतिशत पर पहुंच गई है, जिसने आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। पिछले कुछ महीनों से खाद्य पदार्थों, सब्जियों, दालों और र्इंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसका सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ रहा है।
सबसे अधिक दबाव रसोई पर दिखाई दे रहा है। टमाटर, प्याज, हरी सब्जियां और खाद्य तेल के दाम बढ़ने से मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिन परिवारों की आय सीमित है, उनके लिए मासिक खर्च का प्रबंधन पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है। कई घरों में गैर-जरूरी खर्चों में कटौती शुरू हो गई है और बचत पर भी असर पड़ रहा है। महंगाई बढ़ने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। पहला कारण कमजोर मानसून और कुछ राज्यों में सामान्य से कम बारिश है। यदि बारिश का पैटर्न इसी तरह बना रहता है तो खरीफ फसलों का उत्पादन प्रभावित हो सकता है, जिससे आनेवाले महीनों में खाद्यान्न की कीमतों पर और दबाव बढ़ने की आशंका है। दूसरा बड़ा कारण अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता है।
