सामना संवाददाता / मुंबई
देश की प्रतियोगी परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके तथा लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक के आंदोलन को शिवसेना ने अपना समर्थन देने की घोषणा की है। शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कल इसकी घोषणा की। अभिजीत दीपके ने २० जुलाई को सरकार के खिलाफ मार्च का आह्वान किया है और उद्धव ठाकरे ने उसमें शामिल होने की इच्छा व्यक्त की है। दीपके और वांगचुक के आंदोलन को मजबूत करने के लिए निर्दयी सत्ताधारियों के खिलाफ सभी राज्यों में जनआंदोलन करने का आह्वान भी उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से किया है। उद्धव ठाकरे ने ‘मातोश्री’ निवास पर आयोजित प्रेसवार्ता में इस संबंध में मीडिया से बातचीत की। इस दौरान शिवसेना नेता एवं सांसद संजय राऊत तथा अरविंद सावंत भी मौजूद थे।
-देश का भविष्य बर्बाद हो रहा है और सत्ताधारी पार्टियां तोड़ने में जुटे हैं!
-उद्धव ठाकरे ने मोदी सरकार को घेरा
जंतर-मंतर पर अभिजीत दीपके द्वारा शुरू किए गए आंदोलन की अनदेखी करने पर उद्धव ठाकरे ने केंद्र की भाजपा सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि नीट का पेपर लीक हुआ। कई विद्यार्थियों ने आत्महत्या की। इसी मुद्दे पर अभिजीत दीपके आंदोलन कर रहे हैं। यह देश के हर युवा के भविष्य का सवाल है, लेकिन सरकार के पास इस पर ध्यान देने का समय नहीं है। सत्ताधारी दल को केवल दूसरे दलों को तोड़ने में रुचि है, जबकि देश का भविष्य बर्बाद हो रहा है। विद्यार्थी आत्महत्या कर रहे हैं, लेकिन सरकार के पास उनकी ओर देखने का समय नहीं है। उन्होंने अफसोस जताया कि इतना गंभीर विषय है, लेकिन सब सुस्त हैं।
दीपके के मार्च में गुंडे घुसाकर हिंसा कराने की साजिश
उन्होंने कहा कि अभिजीत दीपके देश के युवाओं के लिए आवाज उठा रहे हैं। उनके आंदोलन में शामिल युवा शिक्षित हैं। उन्होंने २० जुलाई को जंतर-मंतर पर मार्च आयोजित किया है, लेकिन उससे पहले ही उनके आंदोलन में गुंडों को घुसाकर हिंसा पैâलाने और आंदोलन को विफल करने की साजिश रची जा रही है।
वांगचुक जी अनशन छोड़ें,सब मिलकर देश को संभालेंगे!
उद्धव ठाकरे ने हाथ जोड़कर अपील करते हुए कहा कि ‘वांगचुक जी, आप जैसे लोगों की इस देश को जरूरत है। यह सरकार संवेदनहीन है। शायद सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन देश को आपकी बुद्धिमत्ता और आपके मार्गदर्शन की आवश्यकता है। इसलिए आपसे विनम्र अनुरोध है कि कृपया अपना अनशन समाप्त करें। हम सभी मिलकर इस देश को संभालेंगे।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेने में सरकार को शर्म क्यों?
उद्धव ठाकरे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपना काम ठीक से नहीं कर पा रहा है और उसकी वजह से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य बर्बाद हो रहा है, तो उसे बदलने में क्या दिक्कत है। यदि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेकर उनकी जगह किसी सक्षम व्यक्ति की नियुक्ति कर दी जाए, तो सरकार इसे अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न क्यों मान रही है?
सच बोलो, तो कहते हैं महाराष्ट्र का अपमान हो गया
उद्धव ठाकरे ने कहा कि अनेक अभिभावक बेहद नाराज हैं। उन्होंने अपनी जीवनभर की कमाई बच्चों की पढ़ाई पर खर्च कर दी, लेकिन पेपर लीक ने एक झटके में सब कुछ बर्बाद कर दिया। ‘नीट’ पेपर लीक का केंद्र महाराष्ट्र था। गिरफ्तारियां हुर्इं, लेकिन उसके बाद क्या हुआ? एक के बाद एक पेपर लीक हो रहे हैं। शिक्षा मंत्री के घर के सामने भी प्रदर्शन हुए, लेकिन किसी को कोई चिंता नहीं है। ऐसी बातें कहो तो मुख्यमंत्री को लगता है कि महाराष्ट्र का अपमान हो गया।
पीएम विदेश दौरे में व्यस्त
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि देश में क्या हो रहा है, इसकी उन्हें कोई चिंता नहीं है। वे केवल विदेश यात्राओं, किराए के समर्थकों से अपना स्वागत करवाने और यह दिखाने में व्यस्त हैं कि देश में सब कुछ ठीक चल रहा है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि दल-बदल और सत्ता की घटिया राजनीति के कारण युवाओं का पारंपरिक राजनीतिक दलों पर विश्वास कम हुआ है। यदि उन्हें लगता है कि कोई राजनीतिक दल उनके साथ नहीं है, तो शिवसेना उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
बिना पार्टी झंडा के आंदोलन में शामिल हों
२० जुलाई के प्रस्तावित मार्च में शामिल होने के सवाल पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि यदि संभव हुआ तो मैं निश्चित रूप से जाऊंगा। लेकिन मैं सभी राजनीतिक दलों से अपील करता हूं कि वे किसी भी पार्टी का झंडा लिए बिना इस आंदोलन में शामिल हों। कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी इसमें आना चाहिए।
