-सत्ता सुख के लिए ट्रैफिक का बहाना
-दहिसर से मुख्यालय आने में परेशानी का हवाला
सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई की ट्रैफिक व्यवस्था से आम लोग ही नहीं, अब जनप्रतिनिधि भी परेशान होने लगे हैं। जहां आम मुंबईकर घंटों ट्रैफिक जाम में फंसकर समय और ऊर्जा गंवाते हैं, वहीं इसी परेशानी का हवाला देते हुए शिंदे गुट के मनपा उप महापौर संजय घाडी ने शहर के बीचों-बीच सरकारी आवास की मांग कर दी है।
उन्होंने मनपा आयुक्त अश्विनी भिड़े को पत्र लिखकर भायखला स्थित रानी बाग परिसर में खाली पड़े अतिरिक्त आयुक्त के सरकारी बंगले को आवंटित करने का अनुरोध किया है। विपक्ष ने इसे ‘सत्ता सुख’ की लालसा बताते हुए सवाल खड़े किए हैं। उप महापौर संजय घाडी ने अपने पत्र में कहा है कि वे दहिसर (पूर्व) में रहते हैं और वहां से रोजाना मुंबई मनपा मुख्यालय पहुंचने के दौरान भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है। इसके कारण प्रशासनिक बैठकों, मनपा की सभाओं और अन्य सरकारी कार्यक्रमों में समय पर पहुंचना मुश्किल हो जाता है। विपक्ष सवाल उठा रहा है कि जब करोड़ों मुंबईकर रोजाना घंटों ट्रैफिक जाम में फंसकर यात्रा करने को मजबूर हैं, तब समस्या का स्थायी समाधान खोजने के बजाय सत्ता में बैठे जनप्रतिनिधि अपने लिए शहर के बीचों-बीच सरकारी बंगले की मांग कर रहे हैं।
ऐसे में यह मामला केवल ट्रैफिक की परेशानी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि ‘सत्ता सुख’ बनाम आम जनता की मुश्किलों की बहस का मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है।
