-विक्रोली निवासियों में छाई खुशी की लहर
सामना संवाददाता / मुंबई
छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) से शुरू होने वाली प्रमुख मैराथन टाटा मुंबई मैराथन है, जो हर साल आयोजित होती है और १८ जनवरी २०२६ को अपने २१वें संस्करण के लिए फिर से शुरू होने वाली है, जिसमें फुल मैराथन, हाफ मैराथन और अन्य श्रेणियां शामिल हैं और यह भारत के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित आयोजनों में से एक है, जो मुंबई के कई प्रसिद्ध स्थानों से होकर गुजरती है। यह एशिया की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित मैराथन में से एक है, जो फिटनेस और चैरिटी को बढ़ावा देती है। इसकी तैयारी में प्रतिभागी जुटे हुए हैं। इसी कड़ी में विक्रोली-पूर्व निवासी राम चंद्रशेखर गुइन ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इनके सराहनीय कार्यों को लेकर विक्रोली निवासियों में खुशी की लहर छाई हुई है। राम के अनुसार, वह जब 12वीं परीक्षा दिए तो ठीक उसके सात दिन बाद उनके पिता का देहांत हो गया। उसके बाद क्रिकेट बोर्ड में चयन न होने के कारण उनको जीतू गुप्ता व राहुल गुप्ता ने उन्हें सुझाव दिया कि मैराथन में ट्राई करो तो करियर संवर जाएगा। इसके बाद राम छोटे स्तर पर दौड़ना शुरुवात किए और आज अंतर्राष्ट्रीय मैराथन तक सफर तय कर रहे हैं। मुंबई नेवी का डब्ल्यूएनसी मैराथन, बंगलुरु, दिल्ली, कोलकाता मैराथनों में भाग लेने के बाद आगामी 18 जनवरी को होने वाले सीएसएमटी फुल मैराथन की तैयारी में जुटे हुए हैं। राम ने बताया कि गरीबी की मार झेलते हुए क्रिकेट व मैराथन से जो पैसे मिलते थे, उसी से अपना घर चलाता था और अब वह विप्रो में जहां सीनियर एनलिसीसिस के तौर पर काम करने के साथ मैराथन की तैयारी भी करते हैं, वहीं अपने छोटे भाई केशव गुइन को इस काबिल बनाया कि वह आज मुंबई अंडर 23 में क्रिकेट भी खेल रहा है। राम जो नहीं कर पाए वह अपने छोटे भाई को काबिल बना कर करवा रहे हैं। राम के मुताबिक, हफ्ते में दो दिन छोटी दौड़ जैसे 10-15 किलोमीटर व एक दिन 25 किलोमीटर दो घंटे के करीब दौड़ लगाते हैं और शेष बचे दिन मसल्स को आराम देते हैं। राम का कहना है कि अपने लिए भी समय निकालो, जो दिल को अच्छा लगे, वही करो। जिंदगी एक ही बार मिलती है, इसे खुलकर जियो।
