मुख्यपृष्ठग्लैमर“बाहुबली फिर लौट आया है, वही शौर्य, वही वैभव, वही विस्मय!”

“बाहुबली फिर लौट आया है, वही शौर्य, वही वैभव, वही विस्मय!”

हिमांशु राज

भारतीय सिनेमा की सबसे विशाल गाथा फिर से पर्दे पर लौट रही है। एस. एस. राजामौली की महान रचना ‘बाहुबली’ का री-रिलीज ट्रेलर अब सामने है, और देश भर के सिनेमाघरों में फिर से वही जादू छाने वाला है जिसने कभी फिल्म इतिहास की परिभाषा बदल दी थी।जब भी कोई पूछता है, “कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा?” — तो याद आता है वह दौर, जब हर घर, हर गली, हर थिएटर सिर्फ एक ही नाम गूंज रहा था — बाहुबली!31 अक्टूबर को जब यह फिल्म फिर से बड़े पर्दे पर उतरेगी, तब दर्शकों को बीते दशक की वह अनुभूति दोबारा मिलने वाली है — विशाल साम्राज्य, राजमहलों की गूंज, युद्धभूमि की गर्जना और उस काल्पनिक जगत का रोमांच जिसे देखने के लिए भारतीय सिनेमा बना था।‘बाहुबली’ सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, यह एक युग थी जिसने भारतीय सिनेमा को विश्व स्तर पर नया सम्मान दिलाया। इसने KGF, RRR और पुष्पा जैसी पीढ़ी की फिल्मों के लिए रास्ता खोला।
जिस तरह शोले ने हिंदी सिनेमा में ‘कल्ट’ की परिभाषा गढ़ी थी, उसी तरह बाहुबली ने भारतीय सिनेमाई भव्यता का आदर्श तय किया।यह री-रिलीज़ केवल एक याद नहीं, बल्कि एक अवसर है — उस सिने-संसार को फिर से जीने का, जिसमें हर फ्रेम इतिहास था और हर संवाद एक दंतकथा।तो तैयार हो जाइए, क्योंकि पुराना सवाल फिर लौट आएगा —
क्यों मारा गया बाहुबली?

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