नागोया: एशियन गेम्स के पहले ही दिन हिंदुस्थान ने गोल, गोलियों और रनों का ऐसा धमाका किया कि पदक तालिका में भी उत्साह की चिंगारी भड़क उठी। हॉकी के मैदान पर पुरुषों ने इंडोनेशिया को १३-१ से, तो महिलाओं ने उज्बेकिस्तान को १९-० से रौंदकर विजयी शुरुआत की। निशानेबाजी के सटीक निशाने पर एलावेनिल वालारिवन ने टीम और व्यक्तिगत १० मीटर एयर राइफल में दो रजत पदक हासिल करके हिंदुस्थान के पदक अभियान का शानदार आगाज किया। क्रिकेट के मैदान पर महिलाओं ने बांग्लादेश को ८१ रनों पर समेटते हुए फाइनल में जगह बनाई और लगातार दूसरे स्वर्ण पदक की ओर कदम बढ़ा दिए। इसमें बैडमिंटन, टेबल टेनिस और एमएमए के बेहतरीन प्रदर्शन का तड़का भी लगा। एशियन मंच पर हिंदुस्तान की ‘पदकों की भूख’ शतकीय मिशन को फिर से साकार करेगी, इसका इशारा और भरोसा पहले दिन के खेल ने दे दिया है।
एलावेनिल का दोहरा निशाना
व्यक्तिगत फाइनल में एलावेनिल ने २५२.४ अंकों का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। वह स्वर्ण पदक से महज ०.६ अंक दूर रह गर्इं। ताइची ने २५३.० अंकों के साथ एशियन गेम्स का नया रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। हालांकि, एलावेनिल ने आखिरी क्षण तक जो कड़ा मुकाबला दिया, वह उनके आत्मविश्वास का प्रमाण बना।
इसके बाद एलावेनिल ने सोनम मस्कर और विदर्सा विनोद के साथ मिलकर टीम स्पर्धा में भी रजत पर निशाना साधा। भारतीय तिकड़ी ने क्वालिफिकेशन राउंड में १८९८.० अंक हासिल कर दूसरा स्थान प्राप्त किया। चीन ने १९०४.२ अंकों के साथ नया विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। भारत और जापान के बीच रजत पदक के लिए हुए कड़े मुकाबले में भारतीय निशानेबाजों ने अंत तक संयम और सटीकता बनाए रखी। भले ही शुरुआत दो रजत पदकों से हुई हो, लेकिन भारतीय निशानेबाजों का निशाना अब सीधे सोने पर है। पहले दिन की पदकों की भूख को देखते हुए निशानेबाजी के मैदान से और भी बड़ी सफलता की उम्मीद जग गई है।
निशानेबाजी में दो पदकों पर भारत का सटीक निशाना
एशियन गेम्स के रणसंग्राम में पहले ही दिन भारत के निशानेबाजों ने सटीक निशाना साधते हुए पदकों की आतिशबाजी शुरू कर दी। महिलाओं की १० मीटर एयर राइफल में एलावेनिल वालारिवन ने व्यक्तिगत और टीम दोनों स्पर्धाओं में रजत पदक जीतकर भारत के पदक अभियान की शानदार शुरुआत की। निशानेबाजी के मैदान से मिली इन दो रुपहली सफलताओं ने आगे की प्रतियोगिताओं में भारतीय निशानेबाजों से पदकों की बड़ी उम्मीदें जगा दी हैं।
