-मकर संक्रांति पर्व पर खूब उड़ीं पतंगें, जगह-जगह समरसता भोज
सामना संवाददाता / सुल्तानपुर
अवध के सुल्तानपुर जिले में मकर संक्रांति पर्व पर आदिगंगा गोमती में सीताकुंड घाट पर स्नान-ध्यान-दान का दिन भर तांता लगा रहा। हजारों की संख्या में श्रद्धालु जुटे और डुबकी लगाई। जगह जगह खिचड़ी भोज व समरसता भोज के आयोजन किये गए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कार्यालय रज्जू भइय्या सदन के पास स्थित प्राचीन शिवाला परिसर में समरसता भोज दिन भर चलता रहा। डीएम बंगला के बगल पशु अस्पताल रोड पर सुंदरकांड पाठ के साथ खिचड़ी और तिल वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त विभिन्न स्थानों पर खिचड़ी भोज हुए। मकर संक्रांति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए गोमती मित्र मंडल के प्रवक्ता रमेश माहेश्वरी ने बताया कि यह वह समय है जब संक्रांति बदलती है और सभी शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। उन्होंने कहा, ‘इस दिन गंगा या पवित्र नदियों में स्नान और दान का विशेष महत्व है। स्नान-दान से मनुष्य को लाभ और पुण्य मिलता है।’ मान्यता है कि मकर संक्रांति पर किया गया दान और पवित्र स्नान जीवन में सुख-समृद्धि लाता है।
गोमती मित्र मंडल ने सीताकुंड तट पर प्रातः स्वच्छता अभियान चलाया। वहीं पुलिस तैयारी भी नदी तट पर चौकस दिखी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलाव का इंतजाम था। सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक प्रबंध किए गए थे। घाट पर ४ एसएचओ,३५ सिपाही और २० महिला कांस्टेबल तैनात किए गए थे।
