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भाजपा की सियासी धोखाधड़ी बेनकाब…मुंबई में ‘बांग्लादेशियों’ का आंकड़ा गायब!.. गृह मंत्रालय के पास जानकारी नहीं

सामना संवाददाता / मुंबई

मुंबई महानगरपालिका चुनाव के बीच भाजपा द्वारा बार-बार उठाया जा रहा बांग्लादेशी-रोहिंग्या का मुद्दा अब खुद उस पर भारी पड़ता नजर आ रहा है। सूचना के अधिकार के तहत केंद्रीय गृह मंत्रालय से मिली जानकारी ने भाजपा के पूरे नैरेटिव की पोल खोल दी है। पिछले तीन वर्षों में मुंबई में कितने बांग्लादेशी पकड़े गए, कितनों को वापस भेजा गया। इस सवाल पर गृह मंत्रालय के पास कोई जानकारी नहीं है। उनका जवाब है कि हमारे पास कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
इस खुलासे के बाद भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कांग्रेस नेता और मुंबई कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि हिंदू-मुस्लिम विवाद खड़ा कर चुनावी रोटियां सेंकना भाजपा की घिनौनी राजनीति है। अगर देश में बांग्लादेशी घुसपैठ इतनी ही बड़ी समस्या है, तो पिछले १२ वर्षों से केंद्र में बैठी मोदी सरकार आखिर कर क्या रही थी? मुंबई कांग्रेस कार्यालय राजीव गांधी भवन में आयोजित पत्रकार परिषद में सचिन सावंत ने कहा कि भाजपा नेता मंगलप्रभात लोढा, अमित साटम और अन्य नेता हर चुनाव में बांग्लादेशी-रोहिंग्या का डर दिखाकर धार्मिक ध्रुवीकरण करते हैं। मालवणी में तो मंत्री लोढा के आदेश पर बांग्लादेशी-रोहिंग्या का हवाला देते हुए हिंदू और दलितों के घर तक तोड़ दिए गए, लेकिन जब आरटीआई के जरिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से पूछा गया कि पिछले तीन साल में मुंबई में कितने बांग्लादेशी-रोहिंग्या पकड़े गए, कितने मामलों को एफआरआरओ को सौंपा गया और कितनों को बांग्लादेश वापस भेजा गया। तो जवाब मिला कि गृह मंत्रालय के पास ऐसा कोई आंकड़ा नहीं है। विभाग के पास जानकारी नहीं है, तो यह किस स्तर की राजनीति है?
मोदी-शाह से सीधा सवाल
सावंत ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि अगर भाजपा का दावा सही है कि देश में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी घुस आए हैं, तो पिछले १२ साल से केंद्र में भाजपा सरकार क्या सो रही थी? डबल इंजन सरकार सो रही थी क्या? देश की सुरक्षा जिनके हाथ में है, उन्हीं के शासन में घुसपैठ वैâसे बढ़ी?

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