मुख्यपृष्ठनए समाचारमुंबई में बच्चा चोरों का बेखौफ आतंक!..

मुंबई में बच्चा चोरों का बेखौफ आतंक!..

-मासूमों का अपहरण, फिर भीख मंगवाने का धंधा
-बचपन का सौदा करने वाला गिरोह एक्टिव
फिरोज खान / मुंबई
मुंबई में अब मासूम बच्चे भी सुरक्षित नहीं हैं। रेलवे स्टेशनों और फुटपाथों पर सोते परिवारों के बच्चों को निशाना बनाने की घटनाओं ने बाल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कहीं एक साल की बच्ची का अपहरण कर उसे भीख मंगवाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, तो कहीं तीन महीने के शिशु को मां के पास से उठाकर सौदा किया जा रहा है ।
ताजा मामला छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) का है। रेलवे पुलिस के अनुसार, शनिवार को माता-पिता के साथ सो रही एक साल की बच्ची का अपहरण कर लिया गया। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और रेलवे स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी कैमरे की मदद से रेलवे ने पूजा शिंदे नामक २२ वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया। महिला आरोपी से पूछताछ के दौरान चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। महिला ने पुलिस को बताया कि भीख मांगने के लिए बच्ची का इस्तेमाल करने वाली थी। पहचान छिपाने के लिए बच्ची के बाल काट दिए गए थे। बता दें कि सितंबर २०२४ में सीएसएमटी स्टेशन से १० महीने की बच्ची के अपहरण का मामला सामने आया था। पुलिस के मुताबिक, एक महिला और उसके पुरुष सहयोगी ने बच्ची को भीख मंगवाने के उद्देश्य से अगवा किया था। अक्टूबर २०२४ में चर्चगेट स्टेशन के पास माता-पिता के साथ सो रही एक साल की बच्ची के अपहरण का मामला भी सामने आया था। मुंबई क्राइम ब्रांच ने इस मामले की जांच के दौरान ४०० से अधिक सीसीटीवी वैâमरों के फुटेज खंगाले थे। जून २०२५ में पनवेल रेलवे स्टेशन के पास मां के साथ सो रहे तीन महीने के बच्चे का अपहरण कर लिया गया। पुलिस ने २४ घंटे के भीतर बच्चे को सुरक्षित बरामद किया। गिरफ्तार महिला पर आरोप था कि वह बच्चे को भीख मंगवाने के लिए इस्तेमाल करना चाहती थी।
कैसे काम करता है बच्चा चोर गिरोह
कुछ लोग बच्चा चुराकर उसे अपने पास रखकर भीख मंगवाने का काम करते हैं, तो कुछ लोग बच्चे की सौदेबाजी कर देते हैं। इतना ही नहीं गिरोह बच्चा किराए पर देने का भी काम करते हैं। सूत्र बताते हैं कि चुराए गए बच्चे ज्यादातर दूसरे राज्यों के गिरोह को बेचा जाता है।

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