– मनपा के सामने १८५ पेड़ों का सवाल
– पहले भी हजारों पेड़ों की कटाई और पुनर्रोपण को मिल चुकी है मंजूरी
सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई में सड़कें, अस्पताल और इमारतें खड़ी करने की होड़ में शहर की हरियाली पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। मनपा की ट्री अथॉरिटी की २१ अक्टूबर को होने वाली बैठक में पांच प्रमुख प्रस्तावों के तहत १८५ पेड़ों का मामला सामने आया है। झोपड़पट्टी पुनर्विकास से लेकर अस्पताल निर्माण और कोस्टल रोड तक की परियोजनाओं के लिए पेड़ों की कटाई की अनुमति मांगी गई है। सवाल है कि क्या विकास की हर योजना में पेड़ों को हटाना ही सबसे आसान रास्ता बन गया है?
प्रस्तावों के मुताबिक, शिवड़ी में पुनर्विकास के लिए ४१ पेड़ काटने और ३० का पुनर्रोपण करने की अनुमति मांगी गई है। वर्ली में ७६ पेड़ों की कटाई और २३ के पुनर्रोपण का प्रस्ताव है। कांदिवली- पश्चिम में अस्पताल निर्माण के लिए ४३ पेड़ काटने और ५४ को दूसरी जगह लगाने की अनुमति मांगी गई है। यहां कुल ४११ पेड़ दर्ज किए गए, जिनमें ९७ निर्माण से प्रभावित बताए गए हैं। अंधेरी-जोगेश्वरी के पुनर्विकास में २२ पेड़ों की कटाई प्रस्तावित है। वहीं गोरेगांव-पश्चिम में कोस्टल रोड के इंटरचेंज पुल के लिए तीन पेड़ों को काटने का प्रस्ताव है। इन्हें मृत दर्ज किया गया है और इनके बदले ३७ पेड़ों के पुनर्रोपण की योजना बताई गई है।
हजारों पेड़ों पर पहले भी चल चुकी है मंजूरी की कुल्हाड़ी!
यह पहला मामला नहीं है। जुलाई २०२६ में मनपा की ट्री अथॉरिटी ने ११ इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए १,४५७ पेड़ काटने और १,२९७ पेड़ों के पुनर्रोपण को मंजूरी दी थी। मई में वर्सोवा-भायंदर कोस्टल रोड के लिए भी ७२६ पेड़ काटने और १,२६६ पेड़ों को स्थानांतरित करने की अनुमति दी गई थी।
