मुख्यपृष्ठनए समाचारसूखे में किसान बेहाल, कुंभ पर करोड़ों की फिजूलखर्ची!

सूखे में किसान बेहाल, कुंभ पर करोड़ों की फिजूलखर्ची!

-हेलिपैड पर २.४७ करोड़, ध्वजारोहण पर १६ करोड़ खर्च
-फडणवीस सरकार और सार्वजनिक निर्माण विभाग पर सवाल
सुनील ओसवाल / नासिक
महाराष्ट्र में एक ओर सूखे और फसल बर्बादी से किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च करने की योजना ने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नासिक-त्र्यंबकेश्वर दौरे के लिए हेलिपैड निर्माण पर २ करोड़ ४७ लाख रुपए खर्च किए जाएंगे, जबकि ध्वजारोहण समारोह और संबंधित आयोजनों पर करीब १६ करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी है। इन दोनों मदों को मिलाकर १८.४७ करोड़ रुपये के खर्च का मामला सामने आया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आर्थिक संकट से जूझ रहे महाराष्ट्र में सरकारी खजाने पर इस तरह का बोझ कितना उचित है?
एक तरफ किसानों को पांच हजार रुपए की सहायता देकर राहत पहुंचाने का दावा किया जा रहा है, तो दूसरी तरफ वीवीआईपी सुविधाओं और समारोहों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर फडणवीस सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठने लगे हैं।
इस मामले में सार्वजनिक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। सिंहस्थ कुंभ मेला प्राधिकरण की १० अक्टूबर को हुई समीक्षा बैठक में त्र्यंबकेश्वर में हेलिपैड निर्माण का प्रस्ताव एन वक्त पर पेश किए जाने का मामला सामने आया। प्रस्ताव की पूर्व जांच नहीं हो पाने पर प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा विभागीय आयुक्त डॉ. प्रवीण ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। सार्वजनिक निर्माण विभाग (उत्तर) के कार्यकारी अभियंता नितिन बोरले ने २.४७ करोड़ रुपए का हेलिपैड निर्माण प्रस्ताव ९ अक्टूबर की शाम को पेश किया था। अगले ही दिन बैठक में इस प्रस्ताव पर विचार किया जाना था। प्रस्ताव की पूर्व जांच के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलने पर डॉ. गेडाम ने नाराजगी जताई।

अन्य समाचार