मुख्यपृष्ठनए समाचारपेपर लीक मुद्दे पर जल्द शुरू होगा भाईचारा आंदोलन

पेपर लीक मुद्दे पर जल्द शुरू होगा भाईचारा आंदोलन

-राज्यसभा सांसद के साथ पूर्व छात्र नेताओं एवं विधायकों ने भरी हुंकार

-युवाओं के सपनों को कुचल रही केंद्र व प्रदेश सरकार-संजय सिंह

राजेश सरकार / प्रयागराज

देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को लेकर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने शनिवार को प्रयागराज में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। प्रेस वार्ता में राज्यसभा सांसद संजय सिंह के साथ शहर उत्तरी के पूर्व विधायक एवं इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष अनुराग नारायण सिंह, इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष एवं अधिवक्ता के.के. राय, आम आदमी पार्टी के काशी प्रांत अध्यक्ष एवं अधिवक्ता पवन तिवारी तथा अधिवक्ता चार्ली प्रकाश मौजूद रहे। राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद देशभर में 70 से अधिक प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाएं युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अब स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्नपत्र भी लीक होने लगे हैं। उन्होंने नीट परीक्षा पेपर लीक प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे लाखों छात्र-छात्राओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। संजय सिंह ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर सरकार रोजगार के अवसर सृजित नहीं कर पा रही है, वहीं दूसरी ओर पेपर लीक जैसी घटनाओं के माध्यम से युवाओं के सपनों को कुचलने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने घोषणा की कि पेपर लीक के मुद्दे पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में छात्र-छात्राओं के साथ व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए अधिवक्ता के.के. राय ने आरोप लगाया कि छात्र आशुतोष पाण्डेय और पंकज पाण्डेय को 1 जून को प्रयागराज स्थित सर्किट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने के दौरान पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया था। उन्होंने कहा कि दोनों छात्र पेपर लीक जैसे गंभीर विषय पर चर्चा में शामिल होने जा रहे थे और वर्तमान में भी उनकी रिहाई नहीं हुई है। जबकि उनकी टीईटी परीक्षा निकट है। के.के. राय ने बताया कि दोनों छात्रों की रिहाई के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय में बंदी प्रत्यक्षीकरण (हेबियस कॉर्पस) याचिका दायर की गई है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं की ओर से न्यायालय में छात्रों की रिहाई के पक्ष में प्रभावी पैरवी की जाएगी। प्रेस वार्ता में उपस्थित नेताओं ने पेपर लीक की घटनाओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा युवाओं के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

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