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उल्हासनगर परिवहन सेवा की बसें हवा-हवाई, कल्याण में धूल खा रही हैं पांच ए.सी. बसें


चार्जिंग सेंटर और पार्किंग का ठिकाना नहीं, टिटवाला तक बस सेवा की उठ रही मांग
अनिल मिश्रा / उल्हासनगर

उल्हासनगर महानगरपालिका की परिवहन सेवा का “100 बसें शुरू करने” का वादा अब हवा-हवाई साबित हो रहा है। योजना को शुरू हुए दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अब तक केवल 20 बसें ही सड़कों पर उतर सकी हैं। इनमें 10 सामान्य और 5 वातानुकूलित (ए.सी.) बसें चल रही हैं, जबकि बाकी 5 ए.सी. बसें कल्याण के वसंत वैली डिपो में महीनों से खड़ी-खड़ी धूल खा रही हैं।

स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि इन बसों को टिटवाला स्थित श्री गणेश मंदिर तक चलाया जाए, ताकि श्रद्धालुओं और यात्रियों को सुविधा मिल सके। वहीं, उल्हासनगर में फिलहाल केवल सीमित रूट पर बसें चलाई जा रही हैं। दस सामान्य बसें शहाड रेलवे स्टेशन से उल्हासनगर-५ स्थित ऐतिहासिक शिव मंदिर तक और पाँच ए.सी. बसें बदलापूर पश्चिम से कल्याण तक दौड़ रही हैं।

जानकारी के अनुसार, उल्हासनगर महानगरपालिका की इलेक्ट्रिक बसें “ईका” नामक पुणे की ठेकेदार कंपनी द्वारा चलाई जा रही हैं। लेकिन नगर प्रशासन बसों की चार्जिंग, पार्किंग, मरम्मत और सफाई की पर्याप्त व्यवस्था नहीं कर पा रहा है। स्थान की कमी और ढीली योजना के चलते बस सेवा बढ़ने की बजाय घटने लगी है।

नगरपालिका की महत्वाकांक्षी योजना थी कि उल्हासनगर से आसपास के उपनगरों तक कुल 100 बसें चलाई जाएं, लेकिन चार्जिंग और रखरखाव की सुविधा न होने से यह योजना अटक गई है। परिवहन प्रमुख विनोद केणे ने बताया कि व्यवस्था सुधारने के लिए प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा, “बस सेवा को ठाणे जिले के वाशी और बेलापुर तक बढ़ाने की योजना है। चार्जिंग और पार्किंग के लिए नई जगहें तय की जा रही हैं।”

वर्तमान में उल्हासनगर में हर 20 मिनट के अंतराल पर बसें चल रही हैं। मनपा प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही इस अंतराल को घटाकर 10 मिनट किया जाएगा। हालांकि नागरिकों का कहना है कि जब तक पार्किंग और चार्जिंग की ठोस व्यवस्था नहीं होती, तब तक 100 बसों की योजना केवल कागजों पर ही चलती रहेगी।

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