मुख्यपृष्ठनए समाचारविधान परिषद के शिक्षक कोटे की सीटों के चुनाव में महायुति में...

विधान परिषद के शिक्षक कोटे की सीटों के चुनाव में महायुति में टकराव!

-बगावत के सुर तेज
-पुणे की एक सीट के लिए तीनों दलों में तनातनी

सामना संवाददाता / मुंबई

महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले महायुति में ही घमासान छिड़ गया है। खासकर पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की एक सीट को लेकर भाजपा, शिंदे गुट और दादा गुट के बीच दावेदारी की रस्साकशी तेज हो गई है। सीटों के बंटवारे को लेकर अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हुई है, लेकिन दावेदारों ने मैदान छोड़ने के बजाय बगावत का रास्ता पकड़ने के संकेत दे दिए हैं। ऐसे में महायुति के भीतर ही मुकाबला खड़ा होने की आशंका बढ़ गई है।
विधान परिषद की पांच सीटें ६ दिसंबर को रिक्त होने वाली हैं। इन सीटों के लिए २३ अक्टूबर को मतदान होगा और मंगलवार को नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन है। पुणे, नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के साथ पुणे और अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव होना है। नामांकन की अंतिम घड़ी नजदीक आते ही सभी दलों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
छत्रपति संभाजीनगर स्नातक कोटे के चुनाव में भाजपा की ओर से संजय केणेकर ने जोरदार तैयारी की है। उन्हें टिकट नहीं मिलने से वे विद्रोह भी कर सकते हैं। अमरावती में भी लगभग-लगभग वही माहौल देखने को मिल रहा है।
पुणे शिक्षक सीट पर तीनों दलों में टकराव
पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र महायुति के भीतर सबसे ज्यादा तनाव का केंद्र बन गया है। इस सीट पर भाजपा का दावा मजबूत माना जा रहा है, लेकिन शिंदे गुट भी पीछे हटने के मूड में नहीं दिखाई दे रही है। जिस सीट पर महायुति को एकजुट होकर चुनाव लड़ना था, वहीं तीनों घटकों के भीतर दावेदारी को लेकर टकराव सामने आ रहा है। पुणे स्नातक कोटे में भी महायुति की मुश्किलें कम नहीं हैं। वहीं भैया माने ने दादा गुट का साथ छोड़कर स्वतंत्र रूप से चुनाव मैदान में उतरने का संकेत दिया है।

अन्य समाचार