मुख्यपृष्ठनए समाचारस्याही विवाद पर आयोग की सफाई

स्याही विवाद पर आयोग की सफाई

सामना संवाददाता / मुंबई

कटघरे में लोकतंत्र की प्रक्रिया खड़ी कर देने वाले स्याही विवाद पर चुनाव आयोग की ‘स्याहीबाजी’ अब खुद सवालों के घेरे में है। मतदान के बाद स्याही पोछने के वायरल वीडियो सामने आते ही आयोग ने यू-टर्न लेते हुए आक्रामक रुख अपनाया और पूरा ठीकरा मतदाताओं पर फोड़ दिया। नेल पॉलिश रिमूवर से स्याही हटने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए आयोग ने इसे ‘फेक नैरेटिव’ करार दिया।
मुंबई में मतदान के बाद उंगली पर लगाई गई स्याही को पोंछे जाने के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से बड़ा हंगामा मच गया है। इसी के साथ ही हर स्तर से आलोचना हो रही है। इसी बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने इस मामले पर स्पष्टीकरण दिया है। राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे ने उलटे मतदाताओं पर ही आरोप मढ़ दिए हैं। वाघमारे ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग वर्ष २०११ से ‘कोरस’ कंपनी के मार्कर पेन का इस्तेमाल कर रहा है, जिसमें सिल्वर नाइट्रेट रसायन का उपयोग होता है।

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