मुख्यपृष्ठस्तंभसरोकार : मालाड में विकास प्रोजेक्ट से लोग परेशान

सरोकार : मालाड में विकास प्रोजेक्ट से लोग परेशान

– मनपा का करोड़ों रुपए का टेंडर पानी में
– निर्माण कार्य सड़कों पर बढ़ा रहे हैं ट्रैफिक

द्रुप्ति झा
मालाड में चल रहीं कई विकास परियोजनाएं स्थानीय निवासियों के लिए परेशानियां खड़ी कर रही हैं। इन परियोजनाओं के कारण लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिसका सबसे बड़ा कारण खराब बुनियादी ढांचा है। जिस वजह से लोगों के लिए सड़कों पर वाहन चलाना और पैदल चलना मुश्किल हो रहा है।

मुंबई के अंधेरी से मालाड की दूरी को आसान बनाने और यातायात सुधार और कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मुंबई मनपा की ओर से नए पुलों का निर्माण कार्य चल रहा है। इन निर्माण कार्यों के चलते यात्रियों को हर रोज तकलीफों से दो-चार होना पड़ रहा है। इन परियोजनाओं के लिए मनपा ने २,२०० करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया है। प्रोजेक्ट को हरी झंडी तो मिल गई है, लेकिन चल रहीं इन परियोजना कार्यों से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। इन परियोजनाओं को २०२८ तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन शायद ही ऐसे कोई प्रोजेक्ट होते हैं, जो समय पर पूरे होते हैं। विलंब से चल रहे निर्माण कार्य की वजह से भारी ट्रैफिक के चलते शहर में भारी दिक्कतें पैदा हो रही हैं।
परेशानी का सबब
लैगून रोड पुल: मालाड-पश्चिम में इंफिनिटी मॉल से अंधेरी-पश्चिम में लैगून रोड को जोड़ने के लिए एक केबल-स्टेयड वाहन पुल का निर्माण किया जाएगा। यह पुल लगभग १,७०० करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से बनाया जाएगा और इसकी लंबाई ३८० मीटर और चौड़ाई ३६ मीटर होगी। इसका उद्देश्य लिंक रोड, एसवी रोड और वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे जैसे मौजूदा मार्गों पर भीड़ कम करना है, जो कि कभी खत्म नहीं होगी। रामचंद्र नाले पर एलिवेटेड रोड जहां पर रामचंद्र नाले पर एक एलिवेटेड रोड का निर्माण किया जा रहा है, जो एमडीपी रोड को रायन इंटरनेशनल स्कूल से जोड़ेगा। इस परियोजना पर करीब ४०० करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे और यह एवरशाइन नगर और अथर्व कॉलेज के बीच बेहतर आवागमन सुनिश्चित करेगी।

तटीय सड़क से कनेक्टिविटी कि लिए आगामी मुंबई तटीय सड़क को मालाड में मार्वे रोड से जोड़ने के लिए एक नई शाखा का भी निर्माण किया जाएगा। अब सवाल उठता है कि समय के साथ ये काम आम जनता कि लिए पूरा कर दिया जाएगा या सिर्फ दिखावा ही किया जाएगा।
सड़क चौड़ीकरण
बढ़ते यातायात को देखते हुए मालाड-मार्वे रोड को महाकाली जंक्शन से चारकोप नाका तक चौड़ा किया जाएगा, जिसका कई महीनों से काम किया जा रहा है, लेकिन अभी ये काम पूरा नहीं हुआ है, साथ ही पुराने पुलों का पुनर्निर्माण की भी बात की जा रही है। बीएमसी ने मालाड और कांदिवली में सात जर्जर पुलों को गिराकर उनका पुनर्निर्माण करने की भी योजना बनाई है। हालांकि, लोगों का कहना है कि पुराने पुलों का ध्वस्त पुनर्निर्माण से आने-जाने में लोगों को दिक्कत होगी।
दुकानदारों का विरोध: नवंबर २०२२ में एसवी रोड पर पुल को बंद करने की मनपा की योजना का दुकानदारों ने विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें अचानक नोटिस दी गई और बहुत कम समय में अपनी दुकानें खाली करने के लिए कहा गया था।
मालाड में रहने वाले सुखदेव सिंह ने कहा हम परेशान हो गए हैं। शहर में हमेशा सिर्फ दिखाने कि लिए कोई न कोई प्रोजेक्ट पर काम होता रहता है लेकिन उससे सुविधा मिलने कि बदले लोगों की मुश्किलें दोगुनी जरूर हो जाती हैं। अगर एक ही साथ सारे निर्माण कार्य शुरू कर दिए जाएं तो आम जनता कहां से चलेगी। सबसे बड़ी समस्या है करोड़ों का टेंडर पास हो जाता है, लेकिन चल रही किसी भी परियोजना का निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं किया जाता है। जो सड़क या जो ब्रिज असल मायने में जर्जर की अवस्था में उसकी मरम्मत करने के बदले अच्छी खासी सड़क और ब्रिज को ध्वस्त कर दिया जाता है।

अन्य समाचार

12वीं फेल