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मुलुंड में कांग्रेस प्रवक्ता राकेश शेट्टी द्वारा जरूरतमंदों को निःशुल्क छाता वितरण, सामाजिक चेतना संगोष्ठी का आयोजन

मुंबई। मुलुंड (पश्चिम) के जी.एस. शेट्टी ग्रैंड सेंट्रल हॉल में सामाजिक संस्था ‘एकता – द पॉवर ऑफ यूथ एंड यूनिटी’ (NGO) तथा मगध फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में ‘सम्पूर्ण भारत सुरक्षा मंच’ द्वारा एक भव्य छाता वितरण एवं जनचेतना संगोष्ठी का आयोजन किया गया। बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए यह आयोजन विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांगों के लिए समर्पित था, जिसमें सैकड़ों लोगों को निःशुल्क छाते वितरित किए गए।

कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा गायकवाड़, के.एन. त्रिपाठी, एम. जितेंद्र, इब्राहिम यश मणि, बी.के. तिवारी, उत्तम गीत्ते, डॉ. राजेंद्र प्रसाद और राकेश शेट्टी उपस्थित रहे। वक्ताओं ने मंच से सामाजिक सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, और नागरिक जिम्मेदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए।

राकेश शेट्टी, जो कि सम्पूर्ण भारत सुरक्षा मंच के अध्यक्ष भी हैं, ने कहा, “बरसात में जब एक छाता किसी बुज़ुर्ग के चेहरे पर मुस्कान ला सकता है, तो समझिए कि समाज सेवा की दिशा में हमने एक सही कदम उठाया है। हमारा उद्देश्य छोटे-छोटे लेकिन सार्थक प्रयासों के जरिए समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है।”

सांसद वर्षा गायकवाड़ ने राकेश शेट्टी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, “आज की राजनीति को सेवा से जोड़ने का जो प्रयास राकेश शेट्टी कर रहे हैं, वह युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत है। वे मुलुंड क्षेत्र की हर जनसमस्या को लेकर सक्रिय हैं — चाहे वह अग्रवाल अस्पताल का निजीकरण हो, अडानी स्मार्ट मीटर का मुद्दा हो, प्रियदर्शिनी स्विमिंग पूल का मामला हो या गरीबों को उनका आशियाना दिलाने का संघर्ष।”

उन्होंने आगे कहा, “राकेश भले ही चुनाव में विजयी न हो पाए हों, लेकिन सबसे अधिक वोट पाकर और चुनाव के बाद भी सक्रिय रहकर उन्होंने दिखा दिया है कि असली जनप्रतिनिधि वही होता है, जो जनता के बीच निरंतर कार्यरत रहता है।”

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने इस मानवीय पहल की खुले दिल से सराहना की। लोगों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस प्रकार के समाजोपयोगी और सेवा-प्रधान कार्यक्रमों का आयोजन होता रहेगा। यह आयोजन न केवल एक जनकल्याणकारी पहल था, बल्कि यह दिखाता है कि राजनीति में सेवा की भावना अभी जीवित है और इसके माध्यम से हम बेहतर भारत और समरस समाज की ओर अग्रसर हो सकते हैं।

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