सामना संवाददाता / नई दिल्ली
बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों ने राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अप्रत्याशित प्रदर्शन करते हुए २४३ में से २०२ सीटें अपने नाम कीं। इस बीच, कांग्रेस पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए परिणामों की जांच की मांग की है। पार्टी के वरिष्ठ नेता अजय माकन ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में यह बयान दिया। कांग्रेस के ६१ प्रत्याशियों में सिर्फ छह ही एनडीए की लहर में अपनी जीत बचा पाए।
बैठक के बाद खड़गे के आवास से निकलते हुए कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि बिहार से जो नतीजे आए हैं, वे हम सभी के लिए अविश्वसनीय हैं। हमारे गठबंधन दल इस पर विश्वास नहीं कर रहे हैं। हम आंकड़े इकट्ठा कर रहे हैं और गहन विश्लेषण कर रहे हैं और १-२ हफ्ते के भीतर हम ठोस सबूत पेश करेंगे। चुनाव आयोग पूरी तरह से एकतरफा है। यह प्रक्रिया संदिग्ध है।’ अजय माकन ने कहा, `शुरुआत से ही पूरी चुनाव प्रक्रिया पर सवालिया निशान लगा हुआ था। जब ऐसा है, तो परिणाम भी इस तरह अप्रत्याशित आएंगे। कभी ऐसा स्ट्राइक रेट नहीं रहा। १९८४ में भी कांग्रेस का स्ट्राइक रेट ऐसा नहीं था, जैसा इन चुनावों में बीजेपी का है। बीजेपी का ९० परसेंट से भी ऊपर का स्ट्राइक रेट, किसी को भी उम्मीद नहीं थी और इसमें दाल में काला नजर आता है। हमने अपने गठबंधन सहयोगियों से बात की है। सभी का मानना है कि ये अप्रत्याशित परिणाम हैं और इनकी जांच होनी चाहिए, डेटा का विश्लेषण होना चाहिए। बिहार भर से हमारे कार्यकर्ताओं के फोन आ रहे हैं कि अनियमितताएं हुई हैं और इसकी जांच होनी चाहिए। हमारे लोग डेटा इकट्ठा कर रहे हैं, हम फॉर्म १७ सी, मतदाता सूची देखेंगे और फिर तथ्यों और डेटा के साथ आपके सामने आएंगे।’
राहुल बोले, ‘परिणाम चौंकानेवाले’
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे को चौंकाने वाला करार दिया था और कहा था कि विपक्षी गठबंधन एक ऐसे चुनाव में जीत हासिल नहीं कर सका, जो शुरू से ही निष्पक्ष नहीं था। उन्होंने यह भी कहा था कि कांग्रेस पार्टी और `इंडिया’ गठबंधन इस परिणाम की गहराई से समीक्षा करेंगे।
