-७०० व्यापारी, ६० परिवार का भविष्य अधर में
-रीडेवलपमेंट को लेकर निवासियों ने निकाला मोर्चा
सामना संवाददाता / स्वदेशी मार्केट
१३० साल पुराने स्वदेशी मार्केट की जर्जर हालत के बावजूद रीडेवलपमेंट कार्य चंद व्यापारियों के विरोध के चलते रुक गया है। मार्केट में करीब ७०० दुकानें हैं और ६० परिवार रहते हैं। बारिश में पानी टपकना, प्लास्टर गिरना आम हो गया है, जिससे बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
मनपा द्वारा कुछ घरों की छत तोड़े जाने के बाद डरे-सहमे रहिवासियों ने मार्केट के बाहर जोरदार मोर्चा निकाला, गेट पर ताला लगाया और प्रदर्शन किया। महिलाओं, बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। मौके पर भारी पुलिस बंदोबस्त रहा। व्यापारी जब पहुंचे तो गेट बंद देख बहस भी हुई।
चिकल मार्केट कंपनी के डायरेक्टर देवेंद्र भाई ने कहा, ‘हम रीडेवलपमेंट के लिए तैयार हैं, पर कुछ स्वार्थी लोग कोर्ट में स्टे लेकर बाधा डाल रहे हैं।’ स्थानीय लोग चाहते हैं कि जल्द समाधान हो, ताकि उन्हें सुरक्षित घर और व्यवस्थित व्यवसाय मिल सके। यह अब सिर्फ पुनर्निर्माण नहीं, बल्कि जीवन और सुरक्षा का प्रश्न बन चुका है।
