मुख्यपृष्ठनए समाचारवृषभानु दुलारी के जन्मोत्सव पर बरसाना में उमड़ा जनसैलाब

वृषभानु दुलारी के जन्मोत्सव पर बरसाना में उमड़ा जनसैलाब

-ब्रज का कण-कण लाड़ि़ली जी के आगमन की खुशी में झूमा
-चहुंओर राधे-राधे की गूंज, मंगल बधाई के स्वर सुनाई दिए

डॉ. कमलकान्त उपमन्यु / मथुरा

बरसाना सहित ब्रज का कण-कण अपनी लाड़िलीजी के आगमन की खुशी में झूम उठा। राधारानी के प्राकट्य की खुशी में देश-विदेश से आए श्रद्धालु दर्शन के लिए आतुर नजर आए। भोर की मंगल बेला में बरसाना का भानु भवन बधाई गीतों से गूंज उठा। जन्मबेला आते ही भवन में बधाई के स्वर गूंज पड़े। सखियों के मुख से निकले मंगल पदों और थाप ने वातावरण को आनंद से भर दिया। ऐसा लगा मानो बरसाना का कण-कण अपनी लाडो के आगमन की खुशी में झूम उठा हो। भानु भवन के भीतर जन्म की बधाई गूंज रही थी और बाहर मंदिर की ओर टकटकी लगाए खड़े श्रद्धालुओं के मन में बस एक ही लालसा थी कि वे अपनी आराध्य राधारानी के प्राकट्य दर्शन कर अभिभूत हों। किसी के हाथ प्रार्थना में जुड़े थे, किसी की आंखें भावुक थीं और किसी की जुबान पर लगातार राधे-राधे का नाम जप था। जन्म की इस पावन बेला में बरसाना की गलियां और परिक्रमा मार्ग तक ऐसा लग रहा था, जैसे पूरा ब्रज अपनी लाड़िली जी के जन्मदिन की खुशी में शामिल था।
जिलाधिकारी सीपी सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था पर पैनी नजर रखे हुए थे। दोनों अधिकारियों ने श्रद्वालुओ को सुगमता से राधा रानी के दर्शन करायें। कमिश्नर आगरा मंडल नगेन्द्र प्रताप, एडीजे आगरा जोन एसके भगत, डीआईजी शैलेश पांडे द्वारा पूरे मेला क्षेत्र का भ्रमण कर अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए। ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को सख्त हिदायत दी गई थी कि श्रद्धालुओं की भावना का सम्मान करते हुए उन्हें सकुशल सुगम दर्शन कराए जाएं।
राधारानी के प्राकट्य के साथ भानु भवन में जन्म की बधाई का उल्लास छा गया। नंदगांव से आए समाजियों के स्वर उठे तो सखी भाव और गहरा हो गया। ढप की थाप के बीच बधाई पदों ने वातावरण को भक्तिरस से भर दिया। सखियां आनंद में झूमती रहीं और श्रद्धालु इस मंगल दृश्य को निहारते रहे। कभी बधाई के स्वर ऊंचे होते तो कभी जय राधे का उद्घोष पूरे परिसर को गुंजा देता। जन्म की खबर के साथ ही राधारानी मंदिर की ओर श्रद्धालुओं की उत्सुकता और बढ़ गई। हाथों में फूल-माला और प्रसाद लिए भक्त अपनी आराध्य के दर्शन को आगे बढ़ते रहे। दूर से मंदिर की ओर उठता जय राधे का स्वर सुनाई देता तो भक्तों के चेहरे खिल उठते। देश-दुनिया से पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए राधारानी का जन्मदिन किसी उत्सव से कम नहीं था। महिलाएं भक्ति में मग्न थीं, बच्चे अपने परिवार का हाथ थामे दर्शन की राह देख रहे थे और बुजुर्ग आंखें बंद कर राधे नाम का स्मरण कर रहे थे।
मुख्य बाजार में श्रद्धालुओं की आवाजाही से जन्मोत्सव की रौनक बनी रही। पूजन सामग्री और प्रसाद लेने के लिए भक्त दुकानों पर पहुंचे। बच्चों के हाथों में फूल और बड़ों के हाथों में पूजा की थालियां दिखाई दीं। हर कुछ देर में उठता राधे नाम बाजार की चहल-पहल को भक्ति के रंग में रंग देता रहा।

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