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दाऊद की सट्टेबाजी पर लगी मुहर … सेटेलाइट कॉल पर आईपीएल कमिश्नर की हो गई थी पैंट गीली! …ललित मोदी ने खोला राज

सामना संवाददाता / मुंबई
आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसकी गैंग की तरफ से मिली जान से मारने की धमकियों को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने मैच फिक्सिंग और दाऊद इब्राहिम से जुड़ी एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि ‘मेरी तो पैंट ही गीली हो गई थी।’ उन्होंने पहली बार यह बात कबूल की है कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसकी गैंग से मिली जान से मारने की धमकियां ही क्रिकेट प्रशासन से हमेशा के लिए संन्यास लेने के उनके फैसले के पीछे की सबसे बड़ी वजह थीं।

दाऊद से मिली धमकी तो
ललित मोदी ने
छोड़ा क्रिकेट!

एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में ललित मोदी ने विस्तार से बताया कि वैâसे आईपीएल के शुरुआती सालों में मैच फिक्सिंग के खिलाफ उनके सख्त रुख की सीधी टक्कर डी-कंपनी द्वारा नियंत्रित अरबों डॉलर के अंडरग्राउंड सट्टेबाजी नेटवर्क से हुई थी। उन्होंने दावा किया कि ‘यह गैंग एक ऐसा सट्टा बाजार चलाता है, जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल है, जहां हर गेंद के साथ दांव बदलते रहते हैं।’ जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने दाऊद इब्राहिम के डर से क्रिकेट से संन्यास लिया तो आईपीएल के संस्थापक और पहले अध्यक्ष ललित मोदी ने कहा, ‘यह मेरे संन्यास के सबसे बड़े कारणों में से एक था।’
हर बॉल फिक्स होती है
ललित मोदी ने खुलासा किया, ‘दाऊद इब्राहिम एक कुख्यात सट्टेबाज है। वह क्रिकेट सट्टेबाजी को कंट्रोल करता था। उन दिनों, यह २ अरब डॉलर का अंडरग्राउंड सट्टेबाजी का बिजनेस था। यह बहुत बड़ा है। इसमें हर गेंद पर दांव लगाने की गुंजाइश होती है। यह ऐसा सट्टा बाजार है, जहां अब कोई पूरा मैच फिक्स नहीं करता। अब आप ओवर फिक्स करते हैं, आप बॉल फिक्स करते हैं।’
घर के बाहर फायरिंग
ललित मोदी ने कहा, ‘मुंबई में मेरे घर के बाहर फायरिंग हुई। जब मैं केपटाउन में था, तब जोहान्सबर्ग में मुझ पर जानलेवा हमला हुआ। मोंटेनेग्रो में भी मुझ पर हमला हुआ। यहां तक कि लंदन में मेरे बेटे का भी अपहरण कर लिया गया था।’ उन्होंने आगे बताया, ‘मैंने यह कहानी आज तक किसी को नहीं बताई थी। मुझे एक दिन सुबह ३:३० बजे फोन आया। उसने मुझसे कहा कि तुम्हें अभी ‘बाबा’ से मिलना होगा। मैं बाबा के पेंटहाउस में गया। उसने मुझसे कहा कि उसे एक आईपीएल टीम चाहिए। मैंने उससे कहा कि मुझे दाऊद से परेशानी हो रही है।’

जब दाऊद से फोन पर बात हुई…
ललित मोदी ने कहा, ‘उसने (बाबा ने) कहा कि मैं इस मसले को एक मिनट में सुलझा देता हूं। दरअसल, यह सब उसकी ही साजिश थी। वह अपनी छत पर गया, अपना सैटेलाइट फोन निकाला और सीधे दाऊद को फोन लगा दिया। उस वक्त मेरी पैंट गीली । यह साल २०१२ की बात है। मुझे नहीं पता कि जब मैंने फोन पर बात की तब दाऊद कहां छिपा था। यह मेरा रिकॉर्डेड बयान है। इसके बाद वह बाबा हर जगह दिखाई देने लगा। वह पूरी दुनियादारी जानता है।’

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