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दिल्ली हाईकोर्ट ने ‘द ताज स्टोरी’ पर रोक लगाने से किया इनकार, फिल्म रिलीज का समर्थन

हिमांशु राज

दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म ‘द ताज स्टोरी’ के खिलाफ दायर जनहित याचिका को खारिज करते हुए इसके रिलीज़ मार्ग को साफ कर दिया है। यह याचिका अधिवक्ता शकील अब्बास और भाजपा नेता रजनीश सिंह ने दायर की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि फिल्म ताजमहल से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करती है, जिससे साम्प्रदायिक तनाव फैलने की आशंका है। अदालत ने इस याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार करते हुए कहा कि मामला नियमानुसार समय आने पर सुना जाएगा।फिल्म के निर्देशक तुषार अमरीश गोयल ने अदालत के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि ‘द ताज स्टोरी’ अफवाहों पर आधारित नहीं बल्कि छह महीने के गहन शोध और प्रमाणित साक्ष्यों पर निर्मित रचना है। उन्होंने कहा कि सेंसर बोर्ड ने भी फिल्म को सभी तथ्यों की जांच के बाद हरी झंडी दी है। निर्माता सीए सुरेश झा ने इसे रचनात्मक स्वतंत्रता की जीत बताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी समुदाय को आहत करना नहीं बल्कि सत्य और संवाद की भावना को प्रोत्साहित करना है।परेश रावल, जाकिर हुसैन, अमृता खानविलकर, स्नेहा वाघ और नमित दास अभिनीत यह फिल्म स्वर्णिम ग्लोबल सर्विसेज़ के बैनर तले बनी है। रोहित शर्मा और राहुल देव नाथ के संगीत निर्देशन में सजी यह फिल्म 31 अक्टूबर 2025 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। ‘द ताज स्टोरी’ को एक प्रखर सामाजिक नाटक बताया जा रहा है, जो यह सवाल उठाती है कि आज़ादी के 79 वर्षों बाद भी क्या भारत बौद्धिक रूप से सचमुच स्वतंत्र हो पाया है?

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