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चढ़ावा चोरी से व्यथित दुनिया भर के श्रद्धालु राम मंदिर से जुड़ी हर अपडेट के लिए बेचैन!

-5 लोगों से गहन पूछताछ…उन्हीं के कबूलनामे से अब तक 2 करोड़ से ज्यादा बरामद

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ

राम मंदिर में आस्था रखने वाला देश भर का श्रद्धालु बहुत दुःखी है। जिस मंदिर को 500 वर्ष से गुलामी से मुक्त कराने का दावा किया जा रहा था, उससे जुड़ी हर खबर को जानने के लिये देश दुनिया के श्रद्धालु बेचैन हैं। राज्य सरकार ने जांच के लिये एसआईटी बना दिया है, जो रविवार रात तक अयोध्या पहुंचेगी।सूत्रों से मिली खबर के अनुसार, 3 दिन पहले ही केंद्र सरकार ने एक आईपीएस अफसर को यहां भेज दिया था। उनकी देख-रेख में चढ़ावा चोरी मामले की गोपनीय जांच चल रही है। हालांकि, इसको लेकर अधिकारी अभी चुप्पी साधे हैं।भाजपा नेता विनय कटियार ने कहा है कि सबके सब चोर हैं, डंडा पड़ेगा तो सब बाहर आयेगा।
ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय के करीबी टिन्नू यादव का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। संदिग्धों में शामिल रमाशंकर यादव टिन्नू का रिश्तेदार भी बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, टिन्नू का कई कामों में हस्तक्षेप रहता था। ट्रस्ट के एक पूर्व पदाधिकारी पहले भी टिन्नू पर गंभीर आरोप लगा चुके हैं। नकदी के अलावा सोने-चांदी के जेवर का भी खेल है। मामले में अब तक राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि लिखित शिकायत न मिलने के कारण औपचारिक कार्रवाई शुरू नहीं हुई थी। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, पूछताछ और रिकवरी में पुलिस की टीम सक्रिय है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कहा जा रहा कि लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रमाशंकर मुख्य रूप से शामिल पाये गये हैं। ये सभी दान राशि गिनने और रख-रखाव की ड्यूटी से जुड़े थे। सूत्र कह रहे हैं कि इन सभी ने चोरी कुबूल कर ली है और उनकी निशानदेही पर अब तक 2.98 करोड़ रुपये बरामद किए जा चुके हैं। जांच में कुल 8 करोड़ रुपये से अधिक के हेरफेर के संकेत मिले हैं। कुछ लोगों का कहना है कि ये तो ट्रस्ट की तरफ़ से अघोषित सूचना पत्रकारों को दिया गया है ये असली को बचाने का मामला लगता है। पांचों आरोपी पकड़े जाने के बावजूद यह सवाल बना हुआ है कि इतने संवेदनशील स्थान से लगातार रकम गबन होती रही और लंबे समय तक किसी का ध्यान नहीं गया। सूत्रों का कहना है कि इस पीछे किसी बड़े व्यक्ति की शह हो सकती है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह व्यक्ति राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़ा है या किसी अन्य विभाग से। अब तक हुई रिकवरी भी इन्हीं पांच लोगों ने कराई है। सूत्रों के अनुसार, इन्होंने चोरी करना कबूल भी किया है। लवकुश और अनुकल्प पुलिस हिरासत में हैं।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने रविवार को कहा कि जिन ट्रस्ट पदाधिकारियों पर आरोप लगे हैं, उन्हें जांच पूरी होने तक उनके पदों से हटाया जाए। ट्रस्ट की वर्तमान कमेटी को भंग कर नई व्यवस्था बनाई जाए। पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की निगरानी में कराई जाए। उन्होंने कहा- राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे और दान से जुड़े आरोप बेहद गंभीर हैं। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जो मुद्दे उठाए हैं, वे केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़े हैं। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच जरूरी है। आरोपी बताए जा रहे चंपत राय समेत सभी संबंधित लोगों को जांच पूरी होने तक मंदिर और पूरे प्रकरण से दूर रखा जाना चाहिए। अभी यह साफ नहीं है कि कितनी धनराशि की गड़बड़ी हुई है। इसलिए बिना किसी दबाव के निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले में अगर पारदर्शिता नहीं बरती गई, तो श्रद्धालुओं का विश्वास प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि सच सामने लाने के लिए सर्वोच्च स्तर पर जांच कराई जानी चाहिए।
रविवार को निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र अयोध्या में राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित घोटाले के मामले में सरकार ने एसआईटी बना दी है।जांच टीम एक सप्ताह में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों में अंतिम रिपोर्ट सरकार को देगी। उन्होंने बताया कि राम मंदिर परिसर की सुरक्षा और सौंदर्याकरण के लिए करीब 4 किलोमीटर लंबी आधुनिक तकनीक आधारित बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ ही 25 वॉच टावर भी बनाए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं की जिम्मेदारी इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड को सौंपी गई है। लक्ष्य अगस्त 2026 तक काम पूरा करने का है। रामकथा संग्रहालय में 20 गैलरियां विकसित की जा रही हैं।
जीजा-साले के बारे में जानिए, जो पुलिस हिरासत में
लवकुश अयोध्या के रुदौली क्षेत्र के मीनापुर ठकुरन फगौली गांव का रहने वाला है। उसके पिता बच्चूलाल ने कहा- मेरा बेटा 4-5 महीने से राम मंदिर में नौकरी कर रहा था। इसी दौरान वहां चोरी की घटना हुई। जांच के सिलसिले में कुछ लोग हमारे घर आए और तलाशी ली। इस दौरान 10 लाख रुपए बरामद हुए। अब जो होना था, वह हो गया। फैजाबाद में बन रहे मकान का मेरे बेटे से कोई संबंध नहीं है। मकान बनाने के लिए मैंने 10-12 बीघा खेत गिरवी रखा है। गांव वालों का कहना है कि टीम में कुल 6 लोग थे। इनमें 2 पुलिस की वर्दी में थे और 4 सादे कपड़ों में थे। रुपए लवकुश के घर की आलमारी-बक्से में रखे थे, कुछ रुपए उसने गोबर में दबाकर छिपाए गए थे। लवकुश पहले कार मैकेनिक था। मंदिर में नौकरी मिलने के बाद उसकी आर्थिक स्थिति तेजी से बदली थी। गांव आने पर वह खूब पैसे खर्च करता था। एक बार उसने गांववालों को शराब पिलाने के लिए ठेके पर 50 हजार रुपए खर्च कर दिए थे। लवकुश के पिता बच्चूलाल गाजियाबाद की लोहा मंडी में काम करते हैं। बच्चूलाल की 3 बेटियां और एक बेटा लवकुश है।
लवकुश की शादी 8 साल पहले हुई थी। उसका 6 साल का बेटा और 2 साल की बेटी है।
लवकुश के साले अनुकल्प मिश्रा (20) के पिता रविंद्र मिश्रा प्रॉपर्टी डीलर हैं। उनका एक बेटा और 2 बेटियां हैं। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। जबकि छोटी बेटी अभी पढ़ रही है। अनुकल्प परिवार के साथ अयोध्या के कौशलपुरी में रहता है। सूत्रों के अनुसार कौशलपुरी में मानस डेंटल हॉस्पिटल के पास एक घर है। यह घर पहले भोजपुरी गायक का था। उसे अनुकल्प मिश्रा के परिवार ने 64 से 65 लाख रुपए में खरीदा था। इसके बाद परिवार वहीं रहने लगा। अनुकल्प के पैतृक गांव में उसके मकान से लगभग 300 मीटर की दूरी पर एक फार्म हाउस भी बनाया गया है। परिवार के पास लगभग 5 से 6 बीघा पैतृक खेती भी है।

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