मुख्यपृष्ठस्तंभभारतीय नाविकों की मौत पर बढ़ा कूटनीतिक तनाव

भारतीय नाविकों की मौत पर बढ़ा कूटनीतिक तनाव

पश्चिम एशिया में शांति समझौते की कोशिशों के बीच खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नाविकों की मौत ने भारत-अमेरिका संबंधों में नया तनाव पैदा कर दिया है। अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने वॉशिंगटन के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से फोन पर बातचीत कर स्पष्ट कहा कि वाणिज्यिक जहाजों पर ऐसी घातक कार्रवाई किसी भी रूप में उचित नहीं ठहराई जा सकती।
भारतीय पक्ष ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए सिविल समुद्री परिवहन और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चिंता जताई है। भारत ने अमेरिकी दूतावास के वरिष्ठ अधिकारी को भी तलब कर अपना विरोध दर्ज कराया। नई दिल्ली का कहना है कि खाड़ी क्षेत्र में तनाव चाहे जितना भी हो, वाणिज्यिक जहाजों और सिविल नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले में सफाई देते हुए दावा किया है कि ईरान ने भारतीय जहाजों पर ड्रोन से हमला किया था और अमेरिकी कार्रवाई क्षेत्रीय सुरक्षा के संदर्भ में की गई। हालांकि भारत इस तर्क से संतुष्ट नहीं दिख रहा है। भारत ने साफ संकेत दिया है कि किसी भी सैन्य कार्रवाई में निर्दोष नाविकों की जान जाना स्वीकार्य नहीं हो सकता।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौते की चर्चा भी तेज है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि समझौता अब पहले से ज्यादा करीब है और इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य, प्रतिबंधों में राहत और परमाणु कार्यक्रम जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं। ट्रंप द्वारा अराघची की पोस्ट को सकारात्मक बताने से शांति की उम्मीद बढ़ी है, लेकिन भारतीय नाविकों की मौत ने इस कूटनीतिक माहौल पर गंभीर छाया डाल दी है।
अब भारत की मांग स्पष्ट है—घटना की जवाबदेही तय हो, नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो और खाड़ी क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों को युद्ध का निशाना न बनने दिया जाए। जयशंकर-रूबियो बातचीत और भारत के विरोध की पुष्टि ताजा रिपोर्टों में हुई है; वहीं अमेरिका-ईरान समझौते पर अराघची के बयान और ट्रंप की सकारात्मक प्रतिक्रिया को भी अंतर्राष्ट्रीय मीडिया ने रिपोर्ट किया है।
भारतीय नाविकों की मौत पर अमेरिका से कड़ा सवाल
अमेरिकी नौसैनिक कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने तीखा विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से बातचीत कर स्पष्ट किया कि वाणिज्यिक जहाजों पर घातक कार्रवाई किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकती।

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