सामना संवाददाता / मुंबई
साहित्यिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक राष्ट्रीय संस्था काव्य सृजन के तत्वावधान एवं डॉ. सागर त्रिपाठी के मार्गदर्शन में शनिवार 17 जनवरी 2026 को पुस्तक परिचर्चा एवं काव्य संध्या का आयोजन पुष्प विहार कुलाबा पोस्ट आफिस मुंबई में आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. कृपाशंकर मिश्र ने किया तथा मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार, समालोचक, मार्गदर्शक हौसला प्रसाद सिंह अन्वेषी उपस्थित थे। उक्त समारोह का नियोजन एवं संयोजन शिव प्रकाश जमदग्निपुरी एवं डा. सागर त्रिपाठी ने किया तथा खूबसूरत संचालन डॉ. त्रिपाठी ने स्वयं किया। विशिष्ट अतिथि साहित्यकारों में ओमप्रकाश तिवारी, आत्मिक श्रीधर मिश्र, माता प्रसाद शर्मा, विनय शर्मा दीप, पं. जमदग्निपुरी, अरुण दूबे अविकल, पत्रकार नंदन मिश्र त्यागी के पावन उपस्थिति में भव्य काव्यपाठ हुआ। विलुप्त होती कजरी विधा को जागृत करने एवं पाठकों के बीच लाने का प्रयास संपादक जमदग्निपुरी एवं उप संपादक विनय शर्मा दीप ने किया।परिचर्चा की कड़ी में डॉ. सागर त्रिपाठी ने सावनी फुहार संकलन को सराहनीय कदम बताया तो वहीं अन्वेषी ने सनातनी गीत विधा परंपरा को बचाने का उत्कृष्ट कदम बताया। ओमप्रकाश तिवारी ने भूरि-भूरि प्रशंसा की तो डॉ. कृपाशंकर मिश्र ने वातावरण, समय, परिधान व पौराणिक त्योहारों के प्रसंगों से गीत, कजरी, फाग, चैता, बिरहा की उत्पत्ति बताया और संकलन की सराहना किया।उपस्थित सभी साहित्यकारों ने अपने-अपने काव्य की प्रस्तुति देते हुए काव्य संध्या का आनंद उठाया। अंत में रुद्र प्रताप सागर ने उपस्थित सभी साहित्यकारों का स्नेहिल आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
