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वायलिन की जादुई सुरों की सरिता में डूबा डीपीएस, शाम ने बांधा समां

राजेश सरकार

प्रयागराज: दिल्ली पब्लिक स्कूल प्रयागराज का सुंदर लॉन सोमवार शाम शास्त्रीय संगीत की अनुपम छटा से सराबोर हो गया। अवसर था स्पिक मैके के सहयोग से आयोजित विशेष संगीत संध्या का, जिसमें प्रख्यात वायलिन वादक डॉ. मैसूर मंजूनाथ और मालवी मंजूनाथ ने अपनी सुरमयी प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

उनके साथ मृदंगम पर तुमकुर रविशंकर और तबले पर डॉ. विनोद मिश्रा ने संगत कर इस संगीतमय शाम को और अधिक प्रभावशाली बना दिया। जैसे ही शाम ढली, वायलिन के तारों से निकले सुरों ने पूरे परिसर को शास्त्रीय संगीत की गहराई में डुबो दिया।

हर स्वर में ऐसी भावनात्मक गहराई थी कि छात्र पूरी तन्मयता से सुनते रहे, जबकि अभिभावक गर्व और सुकून के साथ इस सांस्कृतिक अनुभव को आत्मसात करते नजर आए। प्रस्तुति के दौरान डॉ. मैसूर मंजूनाथ की साधना और भावपूर्ण वादन ने माहौल को लगभग आध्यात्मिक बना दिया।

कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण प्रश्न-उत्तर सत्र रहा, जिसमें कलाकारों ने छात्रों से संवाद करते हुए भारतीय शास्त्रीय संगीत की परंपरा, अनुशासन और गहराई को सरल भाषा में समझाया। इससे युवा पीढ़ी को संगीत की सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का अवसर मिला।

कार्यक्रम में विद्यालय की अध्यक्ष सोनू सिंह, प्रिंसिपल डॉ. सुजाता सिंह, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। कई परिवार लॉन में एक साथ बैठकर इस संगीतमय शाम का आनंद लेते दिखाई दिए, जिससे पूरा वातावरण सौहार्द और संस्कृति के रंग में रंग गया।

प्रिंसिपल डॉ. सुजाता सिंह ने अतिथियों और सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी जोड़ते हैं।

डीपीएस की यह शाम सुरों के माध्यम से संस्कृति, संवेदना और सीख का एक अविस्मरणीय उत्सव बन गई, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

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