मुख्यपृष्ठनए समाचार“इश्क का झांसा, हुकूमत का तमाशा!”

“इश्क का झांसा, हुकूमत का तमाशा!”

राजन पारकर / मुंबई

मुंबई महानगरपालिका के गलियारों में इन दिनों एक ऐसा किस्सा गूंज रहा है, जिसने सत्ता और संवेदनशीलता-दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। के-ईस्ट वॉर्ड के सहायक आयुक्त नितिन शुक्ला पर एक महिला को शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगा है, और अब वही अधिकारी सलाखों के पीछे हैं।
कहानी शुरू होती है विक्रोली के बिल्डिंग प्रपोजल विभाग से, जहां काम के बहाने मुलाकात हुई, और मुलाकात ने धीरे-धीरे नज़दीकियों का रूप ले लिया। आरोप है कि शुक्ला ने महिला को भरोसा दिलाया-“पत्नी से संबंध ठीक नहीं, जल्द ही अलग होकर तुमसे शादी करूंगा।”इसी वादे पर महिला ने भरोसा किया, लेकिन वक्त के साथ वादे धुंधले होते गए और हकीकत सामने आ गई-शादी सिर्फ एक बहाना थी।
जब बार-बार टाले गए सवालों ने शक को यकीन में बदला, तो महिला ने सीधे पुलिस का दरवाजा खटखटाया। विक्रोली पार्कसाइट पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर कार्रवाई की और IPC की धारा 69 के तहत शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया। अब सवाल सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था का है, जहां जिम्मेदारी के ऊंचे पद पर बैठा अधिकारी ही भरोसे का सौदा करता नजर आ रहा है। क्या यह सत्ता का दुरुपयोग है या निजी रिश्तों की आड़ में खेला गया धोखा?
पुलिस जांच जारी है, और हर दिन इस मामले से नए परतें खुलने की उम्मीद है। लेकिन एक बात साफ है कि जब जिम्मेदार कुर्सी पर बैठा इंसान ही रिश्तों का सौदागर बन जाए, तो सिस्टम पर सवाल उठना लाज़मी है।

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