मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित होमगार्ड भर्ती परीक्षा के अंतिम दिन सोमवार को राजधानी के परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सख्ती देखने को मिली। सुरक्षा और पारदर्शिता के नाम पर की गई जांच के दौरान अभ्यर्थियों को सख्त नियमों से गुजरना पड़ा। केंद्रों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा। चेकिंग के दौरान पुरुष अभ्यर्थियों के जूते और बेल्ट उतरवाए गए, वहीं विवाहित महिलाओं के मंगलसूत्र, पायल और अन्य आभूषण भी उतरवा दिए गए।
महाराजा बिजली पासी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय केंद्र पर सुरक्षा जांच के दौरान उस समय असहज स्थिति उत्पन्न हो गई, जब महिला पुलिसकर्मियों ने परीक्षार्थियों को धातु के गहने पहनकर प्रवेश करने से रोक दिया। हरदोई से आई परीक्षार्थी सरिता देवी को कान की बाली, कंगन, पायल और मंगलसूत्र उतारने के निर्देश दिए गए। सरिता सहित कई महिला अभ्यर्थियों ने इसका विरोध किया, लेकिन नियमों का हवाला देते हुए उनकी बात नहीं सुनी गई। अंततः अभ्यर्थियों को अपने आभूषण केंद्र के बाहर खड़े परिजनों को सौंपने पड़े।
आजमगढ़ से आए अभ्यर्थी शैलेश कुमार ने बताया कि परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पहले सभी के जूते और बेल्ट उतरवा लिए गए। मोबाइल, घड़ी और पेन ले जाने पर भी पूरी तरह प्रतिबंध रहा। अभ्यर्थियों को केवल आवश्यक दस्तावेजों के साथ ही प्रवेश की अनुमति दी गई।
परीक्षा में शामिल होने के लिए गाजीपुर, गोरखपुर, मऊ और देवरिया जैसे दूरदराज जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी लखनऊ पहुंचे थे। परीक्षार्थियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि होमगार्ड जैसे पद के लिए 300 से 400 किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्र आवंटित करना उचित नहीं है। इससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ा और उन्हें मानसिक तथा शारीरिक थकान का सामना करना पड़ा।
राजधानी के 55 केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित इस परीक्षा के स्तर को लेकर भी सवाल उठे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रश्नपत्र का स्तर उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती जैसा कठिन था। परीक्षा में सामान्य ज्ञान, हिंदी, विज्ञान, इतिहास और भूगोल से जुड़े प्रश्न पूछे गए। कई अभ्यर्थियों के अनुसार लगभग 90 प्रतिशत प्रश्न जटिल थे, जिन्हें निर्धारित समय में हल करना कठिन रहा। इस पूरे घटनाक्रम ने परीक्षा की व्यवस्था, सख्ती और प्रश्नपत्र के स्तर को लेकर बहस छेड़ दी है।
