– संख्या बढ़ाने की मांग
– संसाधनों की भी भारी कमी
सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई के अक्सा बीच पर तैनात लाइफगार्ड्स लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। उन्हें स्वच्छ पीने के पानी और शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाओं के बिना अपनी ड्यूटी करनी पडती है। सबसे बड़ी समस्या लाइफगार्ड्स की कमी है, अभी फिलहाल अक्सा बीच पर १२ लाइफगार्ड्स हैं, जहां पर उनकी मांग है कि २५ लाइफगार्ड्स होने चाहिए। यहां लाइफगार्ड्स की संख्या अक्सर अपर्याप्त ही रहती है, खासकर सप्ताह के अंत में जब भीड़ बहुत अधिक होती है। तब भी लाइफगार्ड्स के पास जेटी-स्की ऑक्सीजन किट या बचाव कार्यों के लिए जरूरी रस्सियों और एंबुलेंस जैसी आधुनिक सुविधाओं का अभाव रहता है।
सिस्टम नाकाम
अक्सा बीच पर लाइफगार्ड्स के लिए कोई शौचालय या पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। हालांकि, प्रशासन ने जनता के लिए एक बायो-टॉयलेट स्थापित किया है, लेकिन लाइफगार्ड्स के लिए काम के दौरान बुनियादी स्वच्छता सुविधाओं की कमी बनी रहती है। लाइफगार्ड्स अक्सर फटे हुए लाइफजैकेट और पुराने लाइफबॉय का उपयोग करते हैं, जो बचाव कार्य के दौरान उनकी सुरक्षा को भी खतरे में डालते हैं। बीच पर मौजूद लाइफगार्ड की केबिन काफी छोटी है और उसमें लाइफगार्ड्स के आराम करने या रहने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। अक्सा बीच मुंबई के सबसे खतरनाक तटों में से एक माना जाता है, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं, इसके बावजूद सिस्टम नाकाम है। वैâप्टन नथूराम प्रभाकर सूर्यवंशी ने कहा कि हमने कई बार अपनी सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए प्रशासन को पत्र लिखा है फिर भी हमें सुविधा नहीं दी जाती है, हमारे लिए इन मूलभूत सुविधाओं से वंचित रह कर डूबते हुए लोगों को रेस्क्यू करना थोड़ा मुश्किल होता है, क्योंकि लाइफगार्ड्स की कमी और रेस्क्यू की बहुत सारे सामान जैसे की बोट और एआई वैâमरा की कमी सबसे बड़ी समस्या है, साथ ही पानी और शौचालय की व्यवस्था न होना भी एक समस्या बनी हुई है।
