मुख्यपृष्ठनए समाचारउम्मीदवारों के चयन, समन्वय में कमी के चलते भाजपा के कई नेता...

उम्मीदवारों के चयन, समन्वय में कमी के चलते भाजपा के कई नेता मुख्यमंत्री से नाराज!

-जीत के बावजूद कार्यकर्ताओं में असंतोष नेताओं को फटकार लगाने की आई नौबत

द्रुप्ति झा / मुंबई

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कई कार्यकर्ता उनसे नाराज नजर आ रहे हैं, उनमें भारी असंतोष देखा जा रहा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, मुंबई मनपा चुनाव में ८९ सीटें जीतने के बावजूद भाजपा के राज्य नेतृत्व में असंतोष है। पार्टी में यह भावना है कि यह उम्मीद से कम है। भाजपा ने शुरुआत में कम से कम ११० सीटें जीतने का लक्ष्य रखा था, लेकिन परिणाम उससे काफी कम रहे, जिसके चलते चुनाव प्रचार में हुई गलतियों की आंतरिक समीक्षा की गई। नेताओं का कहना है कि इसके मुख्य कारण मुंबई में पार्टी संगठन के भीतर समन्वय की कमी, उम्मीदवारों के चयन में गलतियां हुई हैं।
बता दें कि महायुति में सीट बंटवारे की बातचीत से पहले, भाजपा ने १५५ से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने और १२०-१२५ सीटें जीतने की योजना बनाई थी। हालांकि, केंद्रीय नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद, उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपनी पार्टी के लिए ९१ सीटें ले लीं, जिससे भाजपा के लिए १३७ सीटें रह गर्इं। इसके बाद, भाजपा ने अपना लक्ष्य ११० सीटों तक बढ़ाया, लेकिन वास्तविकता में उन्हें केवल ८९ सीटों से ही संतोष करना पड़ा।
बरकरार नहीं रख पाई संख्या
नाम न छापने की शर्त पर एक भाजपा नेता ने बताया कि चुनाव से पहले अन्य पार्टियों के ११ पार्षद भाजपा में शामिल हुए थे। इससे मौजूदा पार्षदों की संख्या ९३ हो गई, जिनमें ८२ भाजपा के थे, लेकिन भाजपा इस संख्या को भी बरकरार नहीं रख सकी। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी मुंबई में बड़ी जीत न मिल पाने पर नाराजगी जताई है।
मराठी अस्मिता का हुआ असर
नेतृत्व का मानना है कि रविवार को शिवाजी पार्क में ठाकरे बंधुओं की संयुक्त सभा, जिसमें उन्होंने ‘मुंबई और मराठी अस्मिता को बचाने’ की अपील की थी, जिसका महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा है। भाजपा नेताओं का यह भी कहना है कि उसी बैठक में राज ठाकरे द्वारा पिछले दशक में अडानी समूह के विकास पर दी गई प्रस्तुति प्रभावी रही। हालांकि, यह भी स्वीकार किया गया कि सोमवार को शिवाजी पार्क में महायुति की बैठक को अपेक्षित प्रतिक्रिया न मिलने के कारण राजनीतिक नुकसान हुआ।
नेताओं में नहीं है खुशी की लहर
गौरतलब हो कि १५ जनवरी को हुए चुनावों में भाजपा ने २९ मनपाओं में कुल ४९ प्रतिशत सीटें जीतीं। हालांकि, मुंबई में उनका जीत प्रतिशत ४० फीसदी से भी कम रहा। फिर भी नेता संतुष्ट नहीं हैं। चुनावी नतीजे घोषित होने पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक प्रेस कॉन्प्रâेंस की, जिसमें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और मुंबई के पदाधिकारी भी मौजूद थे। लेकिन उनके चेहरों पर जीत की खुशी नहीं झलक रही थी, बल्कि वे चिंतित दिख रहे थे।

अन्य समाचार