सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र में स्थानीय निकायों के कोटे से विधान परिषद की १६ सीटों के लिए चुनाव आयोग ने चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इन १६ सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव १८ जून २०२६ को कराए जाएंगे। लंबे समय से लंबित इस चुनाव को लेकर राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव कराने के लिए कम से कम ७५ प्रतिशत स्थानीय संस्थाओं का कार्यरत होना और ७५ प्रतिशत मतदाताओं का पद पर होना अनिवार्य होता है। यही शर्तें पूरी न होने के कारण वर्ष २०२२, २०२४ और २०२५ में रिक्त हुई सीटों पर समय पर चुनाव नहीं हो सके थे।
अब मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से आवश्यक मानदंड पूरे होने की जानकारी दिए जाने के बाद चुनाव आयोग ने आधिकारिक रूप से चुनाव कार्यक्रम जारी किया है। चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, २५ मई २०२६ को अधिसूचना जारी होने के साथ चुनाव प्रक्रिया शुरू होगी। उम्मीदवार १ जून २०२६ तक नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच २ जून को की जाएगी, जबकि उम्मीदवारों को ४ जून २०२६ तक नाम वापस लेने का अवसर दिया गया है। इसके बाद १८ जून २०२६ को मतदान होगा। इन चुनावों को आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विधान परिषद की इन सीटों पर होने वाली टक्कर से राज्य में विभिन्न दलों की ताकत और संगठनात्मक क्षमता की भी परीक्षा होगी।
