-अदालत में कई याचिकाएं दायर
-चुनाव की निष्पक्षता पर उठे सवाल
-आरटीआई से हुआ खुलासा
सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई महानगरपालिका चुनाव के नतीजों पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सूचना के अधिकार के तहत सामने आई जानकारी के मुताबिक, मुंबई मनपा के कुल ७९ निर्वाचित नगरसेवकों के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिकाएं दायर की गई हैं। इससे ये सभी नगरसेवक कानूनी शिकंजे में आ गए हैं।
इन याचिकाओं में भाजपा सहित कई दलों के नगरसेवकों की जीत को चुनौती दी गई है। इतनी बड़ी संख्या में चुनाव परिणामों पर कानूनी विवाद खड़ा होने से मुंबई की चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं। आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली को मुंबई मनपा के विधि विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कई प्रभागों में मतगणना में गड़बड़ी, नामांकन पत्रों को लेकर विवाद, चुनाव नियमों के उल्लंघन और कथित अनियमितताओं के आरोपों के आधार पर अदालत का दरवाजा खटखटाया गया है। इनमें ‘एच/पूर्व’, ‘के/पूर्व’, ‘एस’, ‘एम/पूर्व’, ‘एफ/उत्तर’, ‘आर/उत्तर’, ‘पी/दक्षिण’ और ‘जी/उत्तर’ जैसे महत्वपूर्ण वार्ड शामिल हैं, जहां भाजपा और उसके सहयोगी दलों के नगरसेवकों की जीत पर सवाल उठाए गए हैं।
प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग
सबसे चर्चित मामलों में प्रभाग ११९ ‘एस’ का मामला शामिल है, जहां मोहम्मद अनवर अब्दुल्ला शेख ने नगरसेवक राजेश सोनावले समेत अन्य उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव याचिका दायर की थी। हालांकि, लघु न्यायालय ने इस याचिका को खारिज कर दिया, लेकिन बाकी अधिकांश मामलों में अब भी सुनवाई जारी है। विपक्ष पहले ही भाजपा पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने और प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग के आरोप लगाता रहा है।
बड़ा राजनीतिक मुद्दा
अब ७९ चुनाव याचिकाओं का मामला सामने आने के बाद विपक्ष को भाजपा के खिलाफ बड़ा राजनीतिक मुद्दा मिल गया है। मुंबई की राजनीति में यह विवाद आने वाले दिनों में और गरमा सकता है, क्योंकि अदालतों में चल रही सुनवाई के पैâसले कई नगरसेवकों की सदस्यता पर भी असर डाल सकते हैं।
