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भारतीय रुपया की कमजोरी जारी…लुढ़ककर ₹१०२ पर पहुंचने के संकेत!.. विशेषज्ञों की चेतावनी

सामना संवाददाता / मुंबई

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले हिंदुस्थानी रुपया का लुढ़कना जारी है। मुद्रा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, वैश्विक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनावों के कारण आने वाले महीनों में भारतीय रुपया दबाव में बना रह सकता है। मुद्रा विशेषज्ञ केएन डे ने कहा कि अभी गिरावट का कोई अंत नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में स्थिरता के स्तर का अनुमान लगाना केवल अटकलें हैं और मनोवैज्ञानिक रूप से रुपया १०० प्रति डॉलर तक के पार भी जा सकता है।
बता दें कि भारतीय रुपए में गिरावट का दौर जारी है। कल यह डॉलर के मुकाबले ०.४ फीसदी गिरावट के साथ ९६.३५ के ऑल टाइम लो पर बंद हुआ। इस साल यह सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली एशियाई करेंसी है। ईरान युद्ध शुरू होने के बाद इसमें ५.५ फीसदी से ज्यादा गिरावट आ चुकी है। आनंद राठी शेयर्स में कमोडिटीज, करेंसीज एंड इंटरनेशनल बिजनेस के डायरेक्टर नवीन माथुर ने कहा कि अगर कच्चा तेल १०० डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना रहता है और आरबीआई बाजार में दखल नहीं देता है तो रुपया डॉलर के मुकाबले १०२ तक गिर सकता है। उन्होंने कहा कि डॉलर इंडेक्स की मजबूती, कच्चे तेल की ऊंची कीमत के कारण चालू खाते के घाटे और विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी के कारण रुपए पर दबाव बना हुआ है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली तेज
बोफा ग्लोबल रिसर्च के एनालिस्ट्स ने एक नोट में कहा कि कच्चे तेल के लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बने रहने की संभावना है। इसको देखते हुए रुपया इस साल के अंत तक ९८ तक गिर सकता है। विदेशी निवेशक मार्च से अब तक भारतीय बाजार में २३.५ अरब डॉलर से अधिक की बिकवाली कर चुके हैं।

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