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एपस्टीन का भूत अमेरिकी राष्ट्रपति को सोने नहीं देता … नेतन्याहू के पास हैं ट्रंप के वीडियो!

सोशल मीडिया पर अटकलों का बाजार गर्म
दो दिन पहले ट्रंप-नेतन्याहू में हुई थी फोन पर तीखी झड़प

एजेंसी / वॉशिंगटन
ईरान युद्ध में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियां और हरकतें लोगों को समझ में नहीं आ रही हैं। अब खबरें आ रही हैं कि एपस्टीन का भूत ट्रंप को सोने नहीं दे रहा। कहा जा रहा है कि नेतन्याहू के पास ट्रंप के वीडियो हैं, जिसके कारण इजरायली पीएम उन्हें ब्लैकमेल कर रहे हैं।
बता दें कि इंटरनेट की दुनिया में इन दिनों एक सनसनीखेज दावा तेजी से वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि क्या इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (जिन्हें लोग प्यार से ‘बीबी’ भी कहते हैं) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ब्लैकमेल कर रहे हैं? दावों में कहा जा रहा है कि नेतन्याहू के पास विवादास्पद अमेरिकी कारोबारी जेफरी एपस्टीन से जुड़े कुछ कथित वीडियो हैं, जिनका इस्तेमाल वे ट्रंप पर दबाव बनाने के लिए कर रहे हैं। इस चर्चा ने तब और जोर पकड़ लिया जब दोनों नेताओं के बीच हाल ही में तीखी बहस और तल्खी की खबरें सामने आईं।

इतना गुस्सा क्यों दिख रहा?
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अक्सर दो बड़े नेताओं के बीच के तनाव को मिर्च-मसाला लगाने के लिए इस तरह के सनसनीखेज मोड़ दे दिए जाते हैं। ऐसे में सवाल है कि तो फिर दोनों नेताओं के बीच अचानक इतनी दूरी और गुस्सा क्यों दिख रहा है? असली वजह छिपी है मिडल ईस्ट यानी मध्य पूर्व की राजनीति में।

अफवाहों के पीछे का सच
हालांकि, अभी तक बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा डोनाल्ड ट्रंप को किसी भी तरह के एपस्टीन वीडियो के जरिए ब्लैकमेल किए जाने का कोई पुख्ता या प्रामाणिक सबूत नहीं है। यह पूरी कहानी सोशल मीडिया के गलियारों में बुनी गई एक कोरी अफवाह या ‘कॉन्स्पिरसी थ्योरी’ (साजिश की कहानी) है।

इजरायल पर यूएस डाल रहा है दबाव!

गत कुछ दिनों में ट्रंप और नेतन्याहू के बीच टशन की खबरें आ रही हैं। दोनों के बीच मध्य-पूर्व की रणनीतियों को लेकर एक गहरी दरार पैदा हो गई है। हाल के दिनों में इजरायल द्वारा लेबनान में की गई सैन्य कार्रवाइयों और ईरान के साथ बढ़ते क्षेत्रीय तनाव को लेकर दोनों नेताओं के विचार पूरी तरह बदल चुके हैं। इजरायल पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर और अमेरिकी राजनीतिक हलकों से यह दबाव बनाया जा रहा है कि वह क्षेत्रीय संघर्ष को और न बढ़ाए।
रणनीति पर मतभेद
डोनाल्ड ट्रंप, जो अक्सर युद्धों को खत्म करने और अमेरिका को बाहरी विवादों से दूर रखने की वकालत करते रहे हैं, उनके और नेतन्याहू के आक्रामक रुख के बीच रणनीतिक टकराव शुरू हो गया है। इसी टकराव और दोनों के बीच सार्वजनिक रूप से सामने आई असहजता को सोशल मीडिया यूजर्स ने ‘गुप्त दबाव’ या ‘ब्लैकमेलिंग’ का नाम दे दिया। वैश्विक राजनीति के विशेषज्ञ मानते हैं कि यह टकराव पूरी तरह से राजनीतिक और सैन्य प्राथमिकताओं के अंतर के कारण है, न कि किसी छिपे हुए वीडियो की वजह से। कुल मिलाकर, ब्लैकमेल की यह सनसनीखेज खबर पूरी तरह बेबुनियाद है, लेकिन दोनों नेताओं के बीच की राजनीतिक जंग बिल्कुल हकीकत है।
दोनों के बीच तीखी वार्ता
ट्रंप ने स्वीकार किया है कि लेबनान में इजरायली सैन्य अभियानों को लेकर उनकी बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बेहद तीखी फोन वार्ता हुई थी। ट्रंप ने माना कि बातचीत के दौरान उन्होंने नेतन्याहू के प्रति कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया, हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह गुस्से में नहीं थे, बल्कि लगातार जारी सैन्य कार्रवाई से चिंतित और परेशान थे।

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