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बिहार विधानसभा चुनाव में पहली बार न धर्म न ही जाति, बल्कि हावी रही महिला-पुरुष की बातें

अनिल मिश्र / पटना

लोकतंत्र की जननी बिहार में इस बार का विधानसभा चुनाव परिणाम कई मामले में देश में संदेश देने का काम किया है। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता प्रोफेसर विजय कुमार मिट्ठू ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम में ना तो जात- पात, नाही अगडा़-पिछड़ा, हिंदू- मुश्लिम हावी रही, बल्कि महिला-पुरुष मतदाताओं की चर्चा राज्य से देश में रही।प्रोफेसर मिट्ठू ने चुनाव परिणाम में वोट प्रतिशत में आज भी राजद सबसे आगे है, तो कांग्रेस एवं लेफ्ट पार्टी के वोटों में एक प्रतिशत के अंदर ही घटा है, सबसे चौकाने वाली बात पिछले सभी चुनावों की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक मतदान होना इस बात द्योतक है कि नीतीश सरकार अपने 18 वर्ष के कार्यकाल में बिहारवासियों द्वारा मांगों को पूरा करने के साथ-साथ चुनाव के अंतिम दिन भी बिहार के महिला मतदाताओं को दिए गए 10 हज़ार रुपया लौटाना नहीं है, ब्लकि दो लाख और दूँगा की खुली प्राचार करना, चुनाव के दौरान भी जम कर सरकार द्वारा बैंक खाते में पैसा भेजना को वोट चोरी की संज्ञा देते हुए कहा कि यही महिलाओं का 15 से 20 हजार वोट ही एनडीए को जीत दिलाने का काम किया है। इस बीच प्रो. मिट्ठू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी बिहार के मतदाता मालिकों का अभिनंदन करते हुए जनादेश को स्वीकार कर इसकी गहन समीक्षा, संगठन को फिर से शून्य से शिखर तक पहुंचाने, राज्य के सभी एक लाख 16 हजार बूथों पर बी एल ए की स्थाई नियुक्ति, जमीनी जानकार नेताओं, कार्यकर्ताओं को तरजीह आदि को दुरुस्त कर पार्टी फिर से पुरानी गौरव हासिल करेगी। इस संबंध में प्रो मिट्ठू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के गया शहर, वजीरगंज सहित सभी गया जिला के सभी विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता मालिकों ने पिछले चुनाव की तुलना 10 से 20 प्रतिशत ज्यादा वोट देने का काम किया है।

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