सामना संवाददाता / मुंबई
महानगरपालिका चुनावों में कांग्रेस पार्टी को मिली सफलता भले ही पूरी तरह संतोषजनक न हो, लेकिन जीत–हार की परवाह किए बिना हमने वैचारिक लड़ाई लड़ी है। जनता के विश्वास और कार्यकर्ताओं के संकल्प के बल पर कांग्रेस की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। पांच शहरों में कांग्रेस के महापौर बन सकते हैं, ३५० नगरसेवक हैं और १० स्थानों पर हम सत्ता में सहभागी होंगे, यह तस्वीर उभरकर सामने आई है, ऐसा महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा। मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि आने वाला समय भाजपा और उसके सहयोगी दलों के लिए कठिन रहने वाला है। मुंबई में भाजपा को मिली जीत फिक्सिंग का हिस्सा है। वार्ड रचना से लेकर ‘पाडू’ नामक मशीन, और स्याही को लेकर हुआ गड़बड़ यह सब फिक्सिंग का खेल था। चुनाव आयोग को लीपापोती और भाजपा के इशारों पर चलना बंद करना चाहिए। भाजपा के पास अब कोई नैतिकता या शर्म शेष नहीं बची है। लोकतंत्र वास्तव में संकट में है। यह अलग से बताने की आवश्यकता नहीं। पैसों का वितरण, फर्जी मतदाता, उम्मीदवारों की तोड़-फोड़ और चुनाव आयोग का लचर प्रशासन, इन सबको देखते हुए यह स्पष्ट हो गया है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव नहीं हो रहे हैं।
