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अनुसूचित जनजाति प्रमाण-पत्र को लेकर हो रही हेराफेरी पर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने उठाई आवाज

उमेश गुप्ता / वाराणसी

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के पदाधिकारियों ने अनुसूचित जनजाति (अ.ज.जा.) प्रमाण-पत्रों में कथित अनियमितताओं को लेकर महामहिम राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं जिलाधिकारी को मांग पत्र सौंपा। पार्टी का आरोप है कि वाराणसी समेत प्रदेश के कई जिलों में सामान्य वर्ग के कुछ लोग अवैध रूप से अ.ज.जा. प्रमाण-पत्र बनवाकर सरकारी नौकरियों और सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं, जिससे वास्तविक आदिवासी समाज के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।पार्टी के प्रतिनिधियों ने बताया कि महाराजगंज, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीर नगर और मऊ जैसे जिलों में रहने वाले कुछ सामान्य वर्ग के नायक, ओझा एवं थारू समुदाय के लोगों द्वारा कथित रूप से अनुसूचित जनजाति प्रमाण-पत्र बनवाए गए हैं। संगठन का कहना है कि इससे गरीब आदिवासी समाज के हक और अधिकारों पर असर पड़ रहा है।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का दावा है कि आदिवासी गोंड समाज की उपजाति नायक और ओझा मुख्य रूप से सोनभद्र के पहाड़ी क्षेत्रों में निवास करती है तथा उनकी संस्कृति, रीति-रिवाज और सामाजिक परंपराएं अन्य समुदायों से भिन्न हैं। संगठन ने मांग की कि प्रमाण-पत्र जारी करने में भारत सरकार के राजपत्र संविधान आदेश संशोधन अधिनियम-2002 तथा उत्तर प्रदेश शासनादेश संख्या 129/2021/3206/26-03-2021 का कड़ाई से पालन कराया जाए।मांग पत्र में यह भी कहा गया कि यदि किसी राजस्व अधिकारी या कर्मचारी द्वारा शासनादेश की अनदेखी कर गलत प्रमाण-पत्र जारी किए गए हैं तो उनके खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। इसके अलावा संबंधित जिलों में जारी जाति प्रमाण-पत्रों की जांच कर संबंधित लोगों की सामाजिक परंपराओं, रीति-रिवाज और रोटी-बेटी संबंधों की भी पड़ताल कराए जाने की मांग की गई है।

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