उमेश गुप्ता / वाराणसी
गुरुवार को काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव ने अद्भुत स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिया। भव्य हिम श्रृंगार से सजे बाबा के दर्शन के लिए मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। रंग-बिरंगे हिम खंडों से सजी बाबा कालभैरव की अलौकिक झांकी ने सभी को अपनी ओर आकर्षित कर लिया। हिम श्रृंगार महोत्सव के अवसर पर मंदिर को गुलाब, गेंदा, बेला और सुगंधित मालाओं से भव्य रूप से सजाया गया था।
इस हिम श्रृंगार की खास बात यह है कि भगवान भोलेनाथ के अति प्रिय मास सावन में ही इसका आयोजन किया जाता है।
मंदिर के महंत रमेश दुबे ने बताया कि हिम श्रृंगार बाबा के प्रमुख श्रृंगारों में से एक है। बाबा के इस स्वरूप का दर्शन करने मात्र से सभी का कल्याण होता है। साथ ही बाबा के दरबार में सिर झुकाने से जन्मों-जन्मों के पापों का नाश होता है। उन्होंने बताया कि इस श्रृंगार पर बाबा को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया है। इस श्रृंगार का इंतजार केवल वाराणसी ही नहीं, बल्कि पूर्वांचल के भक्त भी करते हैं।
पुजारी ने बताया कि बाबा के चारों तरफ बर्फ रखी जाती है। मान्यता है कि जो श्रद्धालु बाबा बर्फानी का श्रृंगार नहीं कर पाए, वे यहां आकर दर्शन करते हैं। कुछ देर के लिए यहां बाबा अमरनाथ जैसा अनुभव होता है।
