सगीर अंसारी/मुंबई
मुंबई के मानखुर्द ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही अब जानलेवा साबित हो रही है। शिवाजी नगर सिग्नल व बैगनवाड़ी सिग्नल पर दिन-ब-दिन बढ़ते हादसों के बावजूद ट्रैफिक पुलिस का कोई अता-पता नहीं है। जहां इंडियन ऑयल नगर सिग्नल पर पुलिस का पूरा जमावड़ा रहता है, वहीं कुछ ही दूरी पर शिवाजी नगर व बैगनवाड़ी सिग्नल पर पुलिस का एक भी जवान दिखाई नहीं देता है और यही लापरवाही अब लोगों की जान पर भारी पड़ रही है।
आज शाम इसी सिग्नल पर एक छोटे बच्चे को तेज रफ्तार दोपहिया वाहन ने जोरदार टक्कर मारी। मौके पर ट्रैफिक पुलिस का एक भी जवान मौजूद नहीं था, जिससे आरोपी चालक आराम से फरार हो गया। घायल बच्चे को आखिरकार पुलिस की निर्भया टीम ने फौरन अस्पताल पहुंचाया, लेकिन सवाल यह उठता है कि हादसे के वक्त ट्रैफिक पुलिस आखिर थी कहाँ?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मानखुर्द ट्रैफिक पुलिस का ध्यान केवल चालान काटने और वीआईपी रूट पर खड़े रहने तक सीमित है। जनता की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और सड़क अनुशासन जैसी जिम्मेदारियां अब मानो इनके एजेंडे से गायब हो चुकी हैं।
इसी तरह बैगनवाड़ी सिग्नल की हालत भी किसी जाल से कम नहीं। यहां शाम के समय शेयरिंग ऑटो रिक्शा चालकों का जमावड़ा लगा रहता है जो सवारी को जीएम लिंक रोड पर बीच में उतारकर दूसरा फेरा मारने भागते हैं। इससे ट्रैफिक जाम होता है, राहगीरों की जान को खतरा होता है, लेकिन मानखुर्द ट्रैफिक पुलिस सबकुछ देखकर भी आंखें मूंदे बैठी है।
नागरिकों का आरोप है कि इन शेयरिंग रिक्शा चालकों में से अधिकतर के पास न तो लाइसेंस है, न बैज और न ही गाड़ी के पूरे कागजात हैं बावजूद इसके पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती। ऐसा लगता है जैसे मानखुर्द ट्रैफिक पुलिस ने इन अवैध गतिविधियों पर मौन स्वीकृति दे दी हो।
लोगों की मांग है कि शिवाजी नगर और बैगनवाड़ी सिग्नल पर तैनात पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई हो। क्योंकि अगर यही हाल रहा, तो शिवाजी नगर सिग्नल ‘हादसों का अड्डा’ बनकर और निर्दोष जिंदगियों को निगलता रहेगा।
