महिला की मौत के बाद चंद रुपयों के लिए लाश देने से किया इनकार
उत्तराखंड के हल्द्वानी में इंसानियत शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। अल्मोड़ा की एक महिला की इलाज के मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने शव देने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि जब तक पूरे पैसा जमा नहीं किए, शव नहीं दिया जाएगा। अपनी पत्नी को खो चुके नंदन को कई घंटे भटकना पड़ा। आखिरकार पुलिस के हस्तक्षेप के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। मामले में पुलिस ने अस्पताल पर केस किया है।
अल्मोड़ा निवासी महिला मरीज की मौत के बाद शव देने में देरी के मामले में हल्द्वानी पुलिस ने एक प्राइवेट अस्पताल के चिकित्सा निदेशक पर मुकदमा दर्ज किया है। महिला के पति की तहरीर पर पुलिस ने कार्रवाई की गई। मिली जानकारी के अनुसार, गोलना करड़िया धारानौला अल्मोड़ा निवासी नंदन बिरौड़िया ने हल्द्वानी कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी ४० वर्षीय पत्नी सीमा काफी समय से बीमार थीं। पहले उन्होंने पत्नी को सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में भर्ती कराया था। तीन जनवरी को सीमा को अल्मोड़ा से हल्द्वानी रेफर किया गया। तब वह पत्नी को लेकर हल्द्वानी स्थित चंदन हॉस्पिटल पहुंचे। आरोप है कि सीमा को यहां पहुंचते ही इमरजेंसी में ले गए। पहले ५० हजार रुपए नकद लिए और बाद में सात हजार रुपए के अन्य टेस्ट कराए। शाम को सीमा ने दम तोड़ दिया।
परिजनों ने अस्पताल पर लगाया आरोप
आरोप है कि अस्पताल ने नंदन से ३० हजार रुपए की मांग की। यह भी कहा गया कि जब तक रुपए नहीं देंगे शव नहीं दिया जाएगा। इसके बाद हंगामा हुआ और मामला पुलिस तक पहुंचा। रात करीब ११ बजे महिला का शव परिजनों को दिया गया। कोतवाल विजय मेहता ने बताया कि अस्पताल के चिकित्सा निदेशक पर बीएनएस की धारा ३०८ (३) में मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं अस्पताल प्रबंधन संबंधित आरोपों को पहले ही नकार चुका है।
