कहते हैं एक पुरुष की सफलता में औरत का हाथ होता है, लेकिन १९९४ में ‘मिस यूनिवर्स’ का खिताब जीतनेवाली सुष्मिता सेन ने एक बातचीत में खुलासा करते हुए बताया कि उनकी सफलता के पीछे उनके पहले बॉयप्रâेंड रजत तारा का त्याग है, जिन्होंने उन्हें ‘मिस यूनिवर्स’ बनाने के लिए अपनी नौकरी तक छोड़ दी थी। जिंदगी को बेफिक्री से जीनेवाली सुष्मिता ने बताया कि ‘रजत ने उनकी खातिर अपने सपनों की बलि चढ़ा दी, ताकि मैं अपने सपनों को पूरा कर सकूं।’ सुष्मिता ने कहा कि कपड़ों के ब्रांड बेनेटन में काम कर रहे रजत ने बेनेटन में जाकर बोल दिया कि आप मुझे एक महीने की छुट्टी दे दो या फिर जो आपको ठीक लगे और उन्होंने उनको काम से निकाल दिया। सुष्मिता ने आगे कहा, ‘उनका प्यार और भरोसा कभी न भूलने वाला है। मैं आज जो कुछ भी हूं, कुछ हद तक उन्हीं की वजह से हूं।’
