राजेश सरकार
प्रयागराज। यमुनानगर के नैनी थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी फैल गई। महेवा दुर्गा नगर मोहल्ले में 35 वर्षीय संजू निषाद का शव उसके कमरे में जमीन पर पड़ा मिला। शरीर पर चोट के निशान मिलने के बाद मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि घटना से एक रात पहले पति द्वारा कथित रूप से मायके वालों को फोन कर “तुम्हारी बहन को मार डालूंगा” कहने की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सामने आई है।
मृतका के भाई नीरज के मुताबिक, संजू की शादी वर्ष 2011 में दारागंज निवासी संतोष निषाद से हुई थी। शादी के बाद से ही उसे प्रताड़ित किया जाता था। आरोप है कि पति संतोष आए दिन मारपीट करता था और ससुराल के अन्य लोग भी उसे मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान करते थे। परिवार का कहना है कि शुक्रवार रात भी संजू के साथ मारपीट की गई थी।
परिजनों के अनुसार, देर रात संतोष ने फोन कर धमकी दी थी कि वह संजू को मार डालेगा। शनिवार सुबह फिर उसी नंबर से फोन आया और बताया गया कि संजू ने फांसी लगा ली है। सूचना मिलते ही मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन कमरे का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। संजू का शव जमीन पर पड़ा था और शरीर पर चोट के कई निशान दिखाई दे रहे थे। आरोप है कि पुलिस पहुंचने से पहले ही पति संतोष मौके से फरार हो गया।
घटना की जानकारी मिलते ही नैनी पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। कमरे की बारीकी से जांच की गई और कई अहम साक्ष्य जुटाए गए। मायके पक्ष ने पुलिस को वह ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपी है, जिसमें पति द्वारा कथित धमकी देने की बात कही जा रही है।
इधर, मौत की खबर फैलते ही दोनों पक्षों में तनाव बढ़ गया। आरोप है कि गुस्साए परिजनों ने आरोपी पति के बहनोई की पिटाई कर दी, हालांकि मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। बाद में जब पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने लगी, तो मायके पक्ष गिरफ्तारी की मांग को लेकर अड़ गया। इस दौरान घर के बाहर खड़ी कार में भी तोड़फोड़ की गई।
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने मृतका के ससुर श्रीप्रकाश, सास कांती देवी और परिवार की एक बेटी को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया। वहीं मुख्य आरोपी पति संतोष की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच संदिग्ध मौत और हत्या, दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है।
